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मोहननगर चौराहे पर अब सिर्फ बाइक-कार की एंट्री
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 13 Dec 2015 12:50 AM IST
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मेट्रो पिलर निर्माण कार्य की वजह से मोहननगर चौराहे पर हैवी व्हीकल और बसें नहीं चलेंगी। डायवर्जन 19 दिसंबर से करीब छह माह तक रहेगा। इससे राजनगर एक्सटेंशन पर जाम की आफत और बढ़ेगी।
साथ ही रूट डायवर्जन की वजह से तीन-चार रुपये अतिरिक्त किराया भी देना होगा। हालांकि दुपहिया और हल्के वाहन (कार, बाइक-ऑटो आदि) यहां से दौड़ते रहेंगे।
एसपी ट्रैफिक अमर सिंह ने बताया कि डायवर्जन के तहत हरिद्वार-देहरादून रूट की बसें दिल्ली दिलशाद गार्डन से घूमकर करन गेट, अर्थला होते हुए राजनगर एक्सटेंशन से एनएच-58 पर आवागमन करेंगी और बरेली-लखनऊ रूट की बसें विजयनगर बाईपास होकर एनएच-24 से।
अभी तक लखनऊ-हरिद्वार रूट की प्रमुख बसें मोहननगर-मेरठ तिराहे से होकर पुराने बस अड्डे से होकर जाती थीं। रूट डायवर्जन के बाद मोहननगर पर बसें और हैवी व्हीकल चलने पर यातायात व्यवस्था चौपट हो जाती, इसलिए बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था मेट्रो पिलर निर्माण पूरा होने तक (करीब छह माह) रहेगी।
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साथ ही रूट डायवर्जन की वजह से तीन-चार रुपये अतिरिक्त किराया भी देना होगा। हालांकि दुपहिया और हल्के वाहन (कार, बाइक-ऑटो आदि) यहां से दौड़ते रहेंगे।
एसपी ट्रैफिक अमर सिंह ने बताया कि डायवर्जन के तहत हरिद्वार-देहरादून रूट की बसें दिल्ली दिलशाद गार्डन से घूमकर करन गेट, अर्थला होते हुए राजनगर एक्सटेंशन से एनएच-58 पर आवागमन करेंगी और बरेली-लखनऊ रूट की बसें विजयनगर बाईपास होकर एनएच-24 से।
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अभी तक लखनऊ-हरिद्वार रूट की प्रमुख बसें मोहननगर-मेरठ तिराहे से होकर पुराने बस अड्डे से होकर जाती थीं। रूट डायवर्जन के बाद मोहननगर पर बसें और हैवी व्हीकल चलने पर यातायात व्यवस्था चौपट हो जाती, इसलिए बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था मेट्रो पिलर निर्माण पूरा होने तक (करीब छह माह) रहेगी।
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