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आदिल जासूस: विदेशी परमाणु वैज्ञानिक से हुसैनी के संपर्क का चला पता, 10 से ज्यादा देशों के फोन नंबर भी मिले
Thu, 30 Oct 2025 02:48 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 30 Oct 2025 02:48 PM IST
सार
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद आदिल हुसैनी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उसके पास 10 से ज्यादा देशों के फोन नंबर मिले हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मोहम्मद आदिल हुसैनी के विदेशी परमाणु वैज्ञानिक से संबंध का भी पता चला है। इस खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां आरोपी से हर सवाल का जवाब चाहती हैं।
एजेंसियां जानना चाहती हैं कि उसके पास 10 देशों के मोबाइल फोन के सिम कहां से आए हैं और इनके जरिये पाकिस्तान को उसने क्या-क्या सूचनाएं दी हैं। इसके अलावा आरोपी किन-किन देशों की यात्रा कर चुका है।
दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) ने एक 59 वर्षीय व्यक्ति को जासूसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा कि आरोपी के संबंध एक विदेशी परमाणु वैज्ञानिक से हैं और वह झारखंड के जमशेदपुर से संचालित एक फर्जी पासपोर्ट रैकेट से भी जुड़ा है।
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पुलिस अधिकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आदिल हुसैनी को सैयद आदिल हुसैन, नसीमुद्दीन और सैयद आदिल हुसैनी नामों से भी जाना जाता है। उसे दो दिन पहले दिल्ली के सीमापुरी इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
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एजेंसियां जानना चाहती हैं कि उसके पास 10 देशों के मोबाइल फोन के सिम कहां से आए हैं और इनके जरिये पाकिस्तान को उसने क्या-क्या सूचनाएं दी हैं। इसके अलावा आरोपी किन-किन देशों की यात्रा कर चुका है।
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दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ (स्पेशल सेल) ने एक 59 वर्षीय व्यक्ति को जासूसी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा कि आरोपी के संबंध एक विदेशी परमाणु वैज्ञानिक से हैं और वह झारखंड के जमशेदपुर से संचालित एक फर्जी पासपोर्ट रैकेट से भी जुड़ा है।
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पुलिस अधिकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद आदिल हुसैनी को सैयद आदिल हुसैन, नसीमुद्दीन और सैयद आदिल हुसैनी नामों से भी जाना जाता है। उसे दो दिन पहले दिल्ली के सीमापुरी इलाके से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी एक विदेश स्थित परमाणु वैज्ञानिक के संपर्क में था और उसने पाकिस्तान सहित कई देशों की यात्रा की है। दावा किया गया कि उसने जाली दस्तावेजों के जरिये एक संवेदनशील प्रतिष्ठान के तीन पहचान पत्र हासिल किए थे।
विशेष प्रकोष्ठ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि आदिल झारखंड के टाटा नगर (जमशेदपुर) का निवासी है। उन्होंने कहा कि आदिल और उसका भाई अख्तर हुसैनी विदेशी एजेंसियों को संवेदनशील जानकारी उपलब्ध कराने और जाली दस्तावेजों के जरिये कई भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने के संदेह में हैं।
नेटवर्क जमशेदपुर से चलाया जा रहा था
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरा नेटवर्क जमशेदपुर से संचालित किया जा रहा था, जहां जाली दस्तावेजों की मदद से फर्जी पहचान पत्र और पासपोर्ट तैयार किए जाते थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक मूल और दो जाली पासपोर्ट बरामद किए। उसे 26 अक्टूबर को भारतीय नागरिक संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61(2) (आपराधिक साजिश), 318 (धोखाधड़ी), 338 (महत्वपूर्ण दस्तावेज की जालसाजी) और 340 (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग) के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरा नेटवर्क जमशेदपुर से संचालित किया जा रहा था, जहां जाली दस्तावेजों की मदद से फर्जी पहचान पत्र और पासपोर्ट तैयार किए जाते थे। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक मूल और दो जाली पासपोर्ट बरामद किए। उसे 26 अक्टूबर को भारतीय नागरिक संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61(2) (आपराधिक साजिश), 318 (धोखाधड़ी), 338 (महत्वपूर्ण दस्तावेज की जालसाजी) और 340 (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग) के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया।
खाड़ी देशों की यात्रा कर चुका है
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने आरोपी के भाई अख्तर को भी गिरफ्तार किया है, जिसने कई खाड़ी देशों की यात्रा की थी और फर्जी पहचान पत्र प्राप्त करने में शामिल था। पुलिस यह पता लगाने में जुटा है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कितने लोगों को फर्जी पासपोर्ट जारी किए गए। अदालत में पेश किए जाने के बाद आदिल को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, ताकि उससे आगे पूछताछ की जा सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुंबई पुलिस ने आरोपी के भाई अख्तर को भी गिरफ्तार किया है, जिसने कई खाड़ी देशों की यात्रा की थी और फर्जी पहचान पत्र प्राप्त करने में शामिल था। पुलिस यह पता लगाने में जुटा है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कितने लोगों को फर्जी पासपोर्ट जारी किए गए। अदालत में पेश किए जाने के बाद आदिल को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, ताकि उससे आगे पूछताछ की जा सके।