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आंदोलन में किसानों की ताकत का अहसास करा रहे हैं मॉडिफाइड ट्रैक्टर
Sun, 20 Dec 2020 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Dec 2020 06:18 AM IST
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एक मॉडिफाइड ट्रैक्टर...
- फोटो : amar ujala
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दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन पूरे जोशो खरोश के साथ जारी है। यहां पर तमाम लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार किसानों के लिए राहत का सामान लेकर लगातार पहुंच रहे हैं। दिल्ली और हरियाणा के किसान अपने भाइयों के लिए दूध, हरी सब्जी, तेल, घी, शक्कर, उपले, लकड़ी और भी ना जाने क्या-क्या लेकर पहुंच रहे हैं। साथ ही यहां पर रोजाना बड़ी संख्या लोग अपने बलशाली ट्रैक्टरों के साथ भी पहुंच रहे हैं। लोग इन विशालकाय ट्रैक्टरों पर साउंड सिस्टम लगाकर किसान आंदोलन की ताकत का एहसास दिलाते हैं।
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सर्व गुलिया खाप जींद के प्रधान राम फल गुलिया शनिवार को अपना महिंद्रा यूवो 475 डीआई ट्रैक्टर लेकर टीकरी बॉर्डर पहुंचे थे। उनके ट्रैक्टर में आगे व पीछे दोनों तरफ बड़े आकार के दोहरे पहिये लगे हुए थे। जिसे एक बार तो देखकर ऐसा लगा कि जैसे कोई रोड रोलर लिये यहां पहुंच गया हो। ट्रैक्टर के पीछे उतनी ही विशाल और खूबसूरत दिखने वाली ट्राली लगी हुई थी। जिसमें दर्जन भर बुजुर्ग किसान बैठे थे। सभी यहां किसान आंदोलन के समर्थन में आए थे।
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ट्रैक्टर पर द लीजेंड ऑफ भगत सिंह फिल्म का गीत मेरा रंग दे बसंती चोला बड़े ही तेज स्वर में बज रहा था। राम फल ने बताया कि तीन लाख रुपये में उन्होंने अपनी ट्राली विशेष ऑर्डर देकर बनवाई है। ट्रैक्टर को भी उन्होंने मॉडिफाई करवाया है। वह टीकरी बॉर्डर पर लगी पुलिस बैरीकेडिंग के पास लगभग आधे घंटे तक ट्रैक्टर को आगे पीछे, दाहिने बाएं कर प्रदर्शन करते रहे। उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी रही।
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टीकरी बॉर्डर पर इसी प्रकार से एक से बढ़कर एक विशालकाय ट्रैक्टर, खुली एसयूवी, मर्सिडीज कारों, थार जीप और भी कई बेशकीमती वाहनों के साथ लोग रोजाना पहुंच रहे हैं। बैरीकेड़िंग के उस पार बैठी पुलिस और साथ में अपने किसान भाइयों को किसान आंदोलन की शक्ति का एहसास दिलाते है और वापस लौट जाते हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रधान रामराजी ढुल ने कहा कि अपने वाहनों के साथ यहां आने के पीछे लोगों का मकसद यही है कि पंजाब से आए किसान भाइयों को इस बात का अहसास होता रहे कि उनके साथ उनके मजबूत किसान भाई हमेशा खड़े हैं।