दिल्ली चुनाव पर प्रधानमंत्री मोदी ने तोड़ी चुप्पी!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजधानी दिल्ली में जोड़तोड़ से सरकार बनाने की बजाय नए सिरे से चुनाव कराने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि आम आदमी पार्टी या फिर कांग्रेस में टूट कराने की जगह जल्द चुनाव कराना ही अक्लमंदी होगी।
उन्होंने यह बात हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नतीजों से ठीक पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रदेश पार्टी नेताओं से एक बैठक में कही थी। प्रधानमंत्री के रुख को देखते हुए दिल्ली में एक हफ्ते के अंदर चुनाव कराने को लेकर कदम उठाए जा सकते हैं और दिसंबर माह में चुनाव हो सकते हैं।
पीएम की मंशा जानने के बाद भाजपा अध्यक्ष शाह ने भी दिल्ली प्रभारी प्रभात झा को चुनाव के लिए तैयार रहने को कह दिया है। साथ ही जोड़तोड़ की सरकार के पक्ष में बोलने वाले दिल्ली प्रदेश भाजपा नेताओं को अब मीडिया में बयानबाजी नहीं करने को कहा गया है।
दिए मुख्यमंत्री बनने के संकेत
सूत्रों का कहना है कि भाजपा आलाकमान सबसे ज्यादा वरिष्ठ नेता जगदीश मुखी की बयानबाजी से नाराज है। मुखी पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में पार्टी की सरकार बनाने और खुद के मुख्यमंत्री बनने का परोक्ष संकेत दे रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने कहा है कि जोड़तोड़ की सरकार बनाने की खबरों से आम आदमी पार्टी को फायदा हो रहा है।
सरकार बनाने को लेकर भाजपा के कई नेताओं के बयानों से संदेश जा रहा है कि पार्टी यहां चुनाव करवाने से डर रही है और जोड़तोड़ की सरकार बनाकर अपना हित साधना चाहती है। आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल खुलकर भाजपा पर विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप लगा चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि हर्षवर्धन के केंद्रीय राजनीति में आने के बाद इस बार पार्टी अपनी ओर से किसी को भी मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करना नहीं चाहती। पार्टी हाईकमान का मानना है कि मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करने से गुटबाजी बढ़ेगी।