महान वक्ता हैं मोदीः केजरीवाल
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चुनावी मैदान में नरेंद्र मोदी को असफल चुनौती देने वाले आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि पीएम महान वक्ता हैं लेकिन वादे पूरे करने में कमजोर हैं।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी जनता के बीच अपना संदेश को बखूबी पहुंचाया। हालांकि वादा पूरा करने की उनकी गति बहुत धीमी है।
केजरीवाल ने कहा कि पिछले पांच महीने में मोदी ने देश में कुछ सकारात्मक बदलाव लाए हैं। लेकिन वादे पूरे होंगे कि नहीं यह वक्त ही बताएगा।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने आशा तो जगाई है लेकिन लोगों को अब भी बदलाव की उम्मीद है। क्या मोदी देश में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल रहे हैं?
'अभी भी लोगों को उम्मीद है'
जवाब में उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के साथ कई नकारात्मक मुद्दे जुड़े
थे। पिछली सरकार भ्रष्टाचार, महंगाई नहीं संभाल पा रही थी, ये समस्या अभी
भी है लेकिन अभी भी लोगों को उम्मीद है।
महंगाई पर सरकार को घेरते
हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में आलू 45 किलो बिक रहा है। राष्ट्रपति शासन
होते हुए भी बिना रिश्वत दिए कोई काम नहीं होता।
उन्होंने दावा किया
कि यदि दिल्ली में विधानसभा चुनाव होते हैं तो आम आदमी पार्टी की जीत होगी
लेकिन भाजपा सच्चाई का सामना करने से डर रही है।
काले धन पर आप ने की पीएम की आलोचना
आम आदमी पार्टी ने काला धन के मामले में प्रधानमंत्री पर हमला भी बोला है। पार्टी के मुताबिक चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी समेत सभी भाजपा नेता काले धन पर बड़े-बड़े आंकड़े पेश करते थे।
यहां तक कि सौ दिन के भीतर देशवासियों को पंद्रह लाख रुपये मिलने का सपना भी दिखाया था। लेकिन रविवार के रेडियो संबोधन में प्रधानमंत्री ने हैरानगी भरी बात कही कि उनके पास न तो काले धन का ठोस आंकड़े हैं, न ही इसे वापस लाने का कोई रोड मैप। पार्टी ने ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वह देशवासियों से माफी मांगे।
पार्टी का कहना है कि चुनावी सभाओं में प्रधानमंत्री अमूमन कालेधन की मोटी रकम की बात करते थे। उन्होंने यहां तक दावा किया था कि काला धन आने से हर भारतीय को पंद्रह लाख रुपये मिलेगा।
'रामदेव ने बड़े-बड़े आंकड़े बताए'
पार्टी का कहना है कि हैरानगी इसलिए भी है कि सरकार मेें आने से पहले भाजपा नेताओें ने कहा था कि न सिर्फ उनके पास काले धन की पूरी जानकारी है, बल्कि इसे देश में लाने का रोडमैप भी तैयार किया है। लेकिन सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री दोनों मामलों में पीछे हट रहे हैं।