'राजीव गांधी' की वजह से 'मोदी सरकार' ने पैसा रोका
पायका (पंचायत युवा क्रीडा खेल अभियान) का नाम बदलते ही उस पर ग्रहण छा गया है। पिछली सरकार ने जाते-जाते पायका का नाम बदलकर राजीव गांधी खेल अभियान कर दिया था।
इसके बाद से खेलों के लिए जारी होने वाली राशि अटक गई है। पायका के तहत खेल विभाग द्वारा खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाती है।
इसमें ग्रामीण क्षेत्र से जुडे़ बच्चे भाग लेते है। इन बच्चों को सरकार की तरफ से पुरस्कार राशि भी वितरित की जाती है। केंद्र सरकार की तरफ से इन खेलों के लिए एक लाख रुपये की राशि दी जाती है। जिसमे पुरस्कार से लेकर खेल आयोजन तक शामिल होता है।
तो अब नहीं हो पाएगी ये प्रतियोगिता?
कांग्रेस सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले पायका का नाम बदलने के साथ-साथ खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि में भी इजाफा किया था। इसके अलावा खिलाड़ियों के पैसे सीधा उनके अकाउंट में डालने की योजना शुरू की थी।
सरकार बदलते ही इस प्रतियोगिता पर भी ग्रहण लग गया। खेल विभाग के अनुसार हर वर्ष पैसा 30 जुलाई तक जारी हो जाता था। जिससे एक अगस्त से प्रतियोगिता शुरू हो जाती थी।
जिला खेल अधिकारी सत्यप्रकाश राणा ने बताया कि चंडीगढ़ मुख्यालय में अधिकारियों को प्रतियोगिता के लिए राशि जारी न होने की जानकारी दे दी गई है। अगर दस अगस्त तक पैसा जारी नहीं हुआ तो प्रतियोगिता का आयोजन नहीं होगा।