पुखराया रेल हादसे के बाद रेल विकास शिविर में पहुंचे मोदी, दुखी मन से किया संबोधित
ऐसी दुर्घटनाएं न हों, इसके लिए मंथन की जरूरत : मोदी
प्रधानमंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर दिया जोर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार सुबह सूरजकुंड में चल रहे तीन दिवसीय रेल विकास शिविर के समापन समारोह में शामिल हुए। अपने एक घंटे के संबोधन में प्रधानमंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर दिया।
रविवार तड़के हुए पुखरायां रेल हादसे से दुखी नरेंद्र मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब 800 रेलवे अधिकारियों को संबोधित किया। दिन में करीब 1:00 बजे प्रधानमंत्री ने अपना संबोधन शुरू किया। सबसे पहले उन्होंने रेल हादसे पर चिंता जाहिर करते हुए मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुर्घटना का कारण क्या है यह जानने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसी दुर्घटनाएं न हों, इसके लिए हम सबको विचार और मंथन करने की जरूरत है। उन्होंने माना कि विकसित देशों की अपेक्षा हमारे यहां सुविधाएं कम हैं।
आगामी बजट में होगा रेल यात्रियों की सुरक्षा का प्रावधान
केंद्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने यात्रियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं कैसे मिलें इस पर व्यापक विचार विमर्श किया है। आने वाले बजट में इसका प्रावधान भी किया जाएगा।
रेल विकास शिविर में आए सुझावों में से प्रधानमंत्री ने 34 बिंदुओं का चयन कर उस पर काम करने की बात कही है। जिसमें सुरक्षा, सुविधा, राजस्व बढ़ाने, रेलवे की जमीन का सदुपयोग करने, रेलवे को विज्ञापन का माध्यम बनाने और तकनीक के जरिए रेलवे को गतिमान बनाना शामिल है।
इससे पूर्व हेलीपैड पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रधानमंत्री की अगवानी की। हेलीपैड से वह सीधे प्रदर्शनी हाल पहुंचे और करीब एक घंटे तक अवलोकन किया। रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन, राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल समेत रेलवे के तमाम अधिकारी मौजूद थे।