रेप का झूठा आरोप लगाने वाली मॉडल पर केस
दिल्ली के विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जेठ पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाने वाली दिल्ली की मॉडल के खिलाफ अभियोग शुरू कर दिया है।
द्वारका अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने उत्तम नगर निवासी राजीव को दुष्कर्म और धमकी देने के आरोपों से बरी करते हुए कहा कि महिला की गवाही और पेश साक्ष्यों के निरीक्षण से साफ है कि उसके आरोप में कोई सच्चाई नहीं है।
महिला की गवाही से विश्वास पैदा नहीं होता। अदालत ने कहा कि अगर झूठा मुकदमा दर्ज करवाने के बाद उसे छोड़ दिया जाता है तो कोर्ट को अपनी ड्यूटी पूरी करने में नाकाम माना जाएगा।
पैसे के लिए ब्लैकमेल करती थी
अभियोजन के मुताबिक महिला ने 22 फरवरी, 2013 को बिंदापुर थाने में राजीव के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था। आरोप था कि जुलाई, 2012 में जेठ ने जयपुर के एक होटल में नशीला पेय पिलाकर महिला से दुष्कर्म किया। उसके बाद आरोपी ने महिला के घर पर भी उससे दो बार दुष्कर्म किया।
सुनवाई के दौरान आरोपी ने कहा कि महिला की शादी उसके छोटे भाई से हुई थी और वह उसे पैसे के लिए ब्लैकमेल करती थी। शादी के बाद महिला ने छावला और द्वारका महिला अपराध शाखा में मुकदमा दर्ज करवाया था, लेकिन इसमें उसने दुष्कर्म का जिक्र नहीं किया।
इसके बाद उसने घरेलू हिंसा कानून का मुकदमा दायर कराया, इसमें भी रेप का जिक्र नहीं किया। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि महिला ने दुष्कर्म की बात अपने पति और मायके वालों को नहीं बताई थी।
फैसला सुनाने से पहले अदालत ने इस बात पर गौर किया कि महिला ने यह स्वीकार किया है कि वह पहले भी एक एनआरआई समेत कई लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगा चुकी है।