Eye Care Tips: छोटे बच्चों से लेकर 25 वर्ष तक के युवा कर रहे ये गलती? जिससे आंखों में बढ़ रहा धुंधलापन
यह समस्या कोविड के बाद से ज्यादा आ रही है। कोविड के बाद से बच्चों व युवाओं का स्क्रीन समय बढ़ा है। पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की आंखों में धुंधलापन आने का कारण ऑनलाइन क्लास भी हैं।
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आज के दौर में मोबाइल व लैपटॉप की स्क्रीन पर ज्यादा काम करने से लोगों की आंखें प्रभावित हो रहीं हैं। इससे आंखों में धुंधलापन बढ़ रहा है। यह समस्या छोटे बच्चों से लेकर 25 वर्ष तक आयु के युवाओं में ज्यादा मिल रही है। ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में नेत्र रोग ओपीडी में हर रोज 80 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं।
जिम्स की सहआचार्य डॉ. नंदिता चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल में नेत्र रोग ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों में 20 से 25 मरीज आंखों में धुंधलेपन की समस्या लेकर आ रहे हैं। यह समस्या कोविड के बाद से ज्यादा आ रही है। कोविड के बाद से बच्चों व युवाओं का स्क्रीन समय बढ़ा है। पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की आंखों में धुंधलापन आने का कारण ऑनलाइन क्लास भी हैं। वहीं, युवाओं में यह समस्या अधिक समय पर लैपटॉप पर काम करने से आ रही है।
वर्क फ्रोम होम ने लोगों को लैपटॉप व मोबाइल पर ज्यादा निर्भर कर दिया है। उन्होंने बताया कि लैपटॉप व मोबाइल का ज्यादा प्रयोग करने से आंखों में सूखेपन की समस्या होती है। आंखों की देखभाल में लापरवाही बरतने पर संक्रमण, खुजली और जलन की समस्या होती है। जिससे आंखों की रोशनी कम होने लगती है। किसी वस्तु को ध्यान देखने पर आंखों से पानी आने लगता है।
धुंधलापन के लक्षण
- आंखों में थकान होना
- सिरदर्द होना
- नींद आना
- आंखों में जलन होना
- कम दिखाई देना
बचाव
- मोबाइल व लैपटॉप का आवश्यकता के अनुसार प्रयोग करना
- मोबाइल व लैपटॉप पर लगातार काम करने के बीच में आराम करना
- हाथों को मसलकर आंखों पर लगाना
- मोबाइल व लैपटॉप पर काम करते समय नजर या नॉर्मल चश्मे का प्रयोग करना