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तो छतों से गायब हो जाएंगे टॉवर!
अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 03 Jan 2014 03:17 PM IST
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नोएडा में आवासीय, कॉमर्शियल, अस्पताल व अन्य भवनों की छत पर लगे मोबाइल टावरों को शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। प्राधिकरण सीईओ रमा रमण ने वर्क सर्किल अधिकारियों से एक सप्ताह में नई जगह चिह्नित कर रिपोर्ट देने को कहा है।
प्राधिकरण की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में पार्क, ग्रीन बेल्ट, शॉपिंग सेंटर और सामुदायिक केंद्रों में ये टावर शिफ्ट किए जाने की योजना बनी। रिपोर्ट आने के बाद मोबाइल टावर कंपनियों को शिफ्टिंग के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
उधर, टावर कंपनियों ने भी प्राधिकरण से जगह उपलब्ध कराने की मांग की है। प्राधिकरण के ओएसडी मनोज राय ने बताया कि बोर्ड बैठक में मोबाइल टावर नीति को मंजूरी मिली है। जिसके तहत अवैध टावरों को हटाने का काम किया जाएगा।
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नोएडा में मोबाइल टावरों की संख्या 600 के करीब है, जिसमें से करीब 350 टावर आवासीय सेक्टरों में स्थित हैं। लोग लंबे समय से इन टावरों को हटाने की मांग कर रहे हैं। प्राधिकरण ने टावरों के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। नए टावर लगाने की अनुमति लेने पर एक लाख और पुराने टावर की अनुमति लेने पर डेढ़ लाख रुपये शुल्क के रूप में जमा करने होंगे। दूसरी कंपनी किसी टावर पर अपना उपकरण लगाना चाह रही है तो 50 हजार रुपये देने पड़ेंगे।
ग्रेनो है नोएडा से आगे
नोएडा टावरों की नीति बनाने में ग्रेनो प्राधिकरण से पीछे है। ग्रेनो ने पिछले साल ही नीति बनाकर काफी हद तक अवैध टावरों को शिफ्ट कर दिया है। यहां नागरिकों ने नोएडा से ज्यादा जागरूकता दिखाई है।
पिछले माह एक सेक्टर के मकान में लोगों ने टावर लगाने का प्रयास किया तो लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने टावर लगाने से रोक दिया। साथ ही वक्त से टावर न हटाने पर संचालन भी प्राधिकरण ने रोक दिया। नोएडा के लोग भी मानते हैं कि यहां भी प्राधिकरण को सख्ती बरतनी होगी।
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प्राधिकरण की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में पार्क, ग्रीन बेल्ट, शॉपिंग सेंटर और सामुदायिक केंद्रों में ये टावर शिफ्ट किए जाने की योजना बनी। रिपोर्ट आने के बाद मोबाइल टावर कंपनियों को शिफ्टिंग के लिए नोटिस जारी किया जाएगा।
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उधर, टावर कंपनियों ने भी प्राधिकरण से जगह उपलब्ध कराने की मांग की है। प्राधिकरण के ओएसडी मनोज राय ने बताया कि बोर्ड बैठक में मोबाइल टावर नीति को मंजूरी मिली है। जिसके तहत अवैध टावरों को हटाने का काम किया जाएगा।
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नोएडा में मोबाइल टावरों की संख्या 600 के करीब है, जिसमें से करीब 350 टावर आवासीय सेक्टरों में स्थित हैं। लोग लंबे समय से इन टावरों को हटाने की मांग कर रहे हैं। प्राधिकरण ने टावरों के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। नए टावर लगाने की अनुमति लेने पर एक लाख और पुराने टावर की अनुमति लेने पर डेढ़ लाख रुपये शुल्क के रूप में जमा करने होंगे। दूसरी कंपनी किसी टावर पर अपना उपकरण लगाना चाह रही है तो 50 हजार रुपये देने पड़ेंगे।
ग्रेनो है नोएडा से आगे
नोएडा टावरों की नीति बनाने में ग्रेनो प्राधिकरण से पीछे है। ग्रेनो ने पिछले साल ही नीति बनाकर काफी हद तक अवैध टावरों को शिफ्ट कर दिया है। यहां नागरिकों ने नोएडा से ज्यादा जागरूकता दिखाई है।
पिछले माह एक सेक्टर के मकान में लोगों ने टावर लगाने का प्रयास किया तो लोगों ने इसका विरोध किया। इसके बाद प्राधिकरण की टीम ने टावर लगाने से रोक दिया। साथ ही वक्त से टावर न हटाने पर संचालन भी प्राधिकरण ने रोक दिया। नोएडा के लोग भी मानते हैं कि यहां भी प्राधिकरण को सख्ती बरतनी होगी।