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मोबाइल मंगाया..निकला साबुन
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 08 Jun 2015 01:01 AM IST
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अगर आप ऑनलाइन सामान मंगा रहे हैं तो सावधान हो जाएं। पहले मोबाइल की जगह पत्थर, फिर दो साड़ियों की जगह एक साड़ी और अब मोबाइल की जगह साबुन निकला है।
मोबाइल नगर कोतवाली की पंजाब लाइन कालोनी के विजय सिंह ने मंगाया था। उसने इसी साल 12वीं की है। उसके पिता रेलवे में कर्मचारी हैं। न तो उसकी पुलिस रिपोर्ट लिख रही है, न कंपनी और कोरियर वाले उसकी सुन रहे हैं।
वह उपभोक्ता फोरम जाने का मन बना रहा है। विजय सिंह ने बताया कि उसने 10 मई को 6200 रुपये का एक मोबाइल ऑनलाइन मंगाया था। 15 मई को कंपनी ने कोरियर के माध्यम से उसका मोबाइल का ऑर्डर भेजा।
मगर पैकेट खोलते ही वह दंग रह गया। उसमें मोबाइल की जगह साबुन था। उसने ऑनलाइन कंपनी और कोरियर वालों की भी शिकायत की। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। तब वह नगर कोतवाली पहुंचा, मगर वहां भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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मोबाइल नगर कोतवाली की पंजाब लाइन कालोनी के विजय सिंह ने मंगाया था। उसने इसी साल 12वीं की है। उसके पिता रेलवे में कर्मचारी हैं। न तो उसकी पुलिस रिपोर्ट लिख रही है, न कंपनी और कोरियर वाले उसकी सुन रहे हैं।
वह उपभोक्ता फोरम जाने का मन बना रहा है। विजय सिंह ने बताया कि उसने 10 मई को 6200 रुपये का एक मोबाइल ऑनलाइन मंगाया था। 15 मई को कंपनी ने कोरियर के माध्यम से उसका मोबाइल का ऑर्डर भेजा।
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मगर पैकेट खोलते ही वह दंग रह गया। उसमें मोबाइल की जगह साबुन था। उसने ऑनलाइन कंपनी और कोरियर वालों की भी शिकायत की। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। तब वह नगर कोतवाली पहुंचा, मगर वहां भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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