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मोबाइल एप 'पूछ-ओ' पर ट्रैक करें ऑटो रिक्शा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 11 Jul 2014 11:39 PM IST
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ऑटो चालकों से परेशान लोगों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट सिस्टम (डिम्ट्स) ने ऑटो रिक्शा के लिए एक ऐसा एप्लीकेशन (मोबाइल ऐप) तैयार किया है जिसमें ऑटो रिक्शा ट्रैक करना, कॉल करने की सुविधा, किराया व दूरी की जानकारी और फीडबैक की सुविधा भी जुड़ी है।
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जरूरत है सिर्फ जीपीएस युक्त मोबाइल फोन की। उपराज्यपाल नजीब जंग ने शुक्रवार को पूछ-ओ ऐप का शुभारंभ किया है। गूगल प्ले स्टोर से ऐप डाउनलोड किया जा सकता है।
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उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा है कि भविष्य में इस मोबाइल ऐप को पुलिस से लिंक करेंगे। अगर कोई गैर कानूनी तरीके से मना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। सुरक्षा की दृष्टि से भी फीचर्स हैं।
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कोई लड़की ऑटो में बैठती है तो ऐप की सहायता से उस ऐप की सहायता से संबंधित ऑटो रिक्शा व यात्रा से संबंधित सूचनाएं शेयर कर सकती है। उसके साथ एक लिंक भी जाएगा जिसे ओपन करके पूरी यात्रा ट्रैक कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि महिलाओं को ऑटो रिक्शा चलाने के लिए जागरूक करना चाहिए।
डिम्ट्स के प्रबंध निदेशक एसएन सहाय ने बताया कि ऐप यूज करने केलिए चालक या यात्री को कोई खर्च नहीं करना है। अभी 24 हजार ऑटो रिक्शा में जीपीएस लगे हैं। धीरे-धीरे संख्या बढ़ रही है। सुविधा पूरी तरह से स्वैच्छिक है। फिर भी चालकों को फायदा होगा तो वह इस्तेमाल करेंगे। जीपीएस अगर चालक ऑफ करता है तो इसका पता चल जाता है।
सफर को सुरक्षित भी बनाएगा मोबाइल ऐप
उपराज्यपाल नजीब जंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं कि तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल होना चाहिए। इस मोबाइल ऐप से क्रांतिकारी उपयोग मोबाइल फोन का नहीं हो सकता। मोबाइल फोन पर ऑटो ट्रैक करने के साथ ही कॉल करके बुला सकते हैं। सुरक्षा के लिए मैसेज सोशल मीडिया के थ्रू परिचित को भेज सकते हैं। ऐसा दुनिया के किसी शहर में नहीं हुआ है। इसका लोग इस्तेमाल करें, इसके लिए प्रचार हो।
शिकायत करते हैं तो कार्रवाई होगी
ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त आयुक्त अनिल शुक्ला ने कहा कि ऑटो रिक्शा चालक आनाकानी करते हैं तो उसकेलिए ऐप से जुड़ेंगे। जाने से मना करना या अधिक किराया वसूली पर सख्ती की जाती है। पहले 100 रुपये का जुर्माना था जो अब 2000 रुपये हो गया है। इतना ही नहीं अगर एक बार से अधिक उल्लंघन करता है तो 10 हजार रुपये का जुर्माना है।