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Delhi NCR News: एमएनसी के इंजीनियर ने निवेश के नाम पर की 100 करोड़ की ठगी, तीन गिरफ्तार
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मध्य जिला की साइबर थाना पुलिस ने आरोपियों को कर्नाटक और मध्य प्रदेश में छापेमारी कर दबोचा
शेयर बाजार में निवेश के लिए फर्जी वेबसाइट बनाकर की साइबर ठगी, 14232 ट्रांजैक्शन मिले
-कर्नाटक से कंप्यूटर इंजीनियर कर रहा था वेबसाइट का संचालन
-रुपयों की लेनदेन और कॉल सेंटर मध्य प्रदेश के सनावद, खारगोन से हो रहा था संचालित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शेयर बाजार में मुनाफे की गारंटी देकर निवेश कराने के नाम पर 100 करोड़ की ठगी में मध्य जिला पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों की पहचान बेंगलुरु, कर्नाटक निवासी रवि राठौड़ (31), खंडवा, एमपी निवासी विकास राठौड़ (26) और खंडवा, एमपी निवासी सुदामा (29) के रूप में हुई है।
आरोेपियों ने ट्रेड मेकर अल्गो डॉट कॉम के नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी। इनकी अल्गो के नाम से गूगल प्ले स्टोर पर एक फर्जी एप्लीकेशन भी मौजूद थी। इनकी मदद से आरोपियों ने देशभर के लोगों से करीब 99.77 करोड़ रुपये की ठगी की। इनके बैंक खातों की पड़ताल से 14232 ट्रांजैक्शन का पता चला है। आरोपियों में रवि राठौड़ कंप्यूटर इंजीनियर है। उसने विकास राठौड़ के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। फिलहाल बैंक खातों की पड़ताल करने से 636 बैंक खातों का पता चला है। पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।
मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पहाड़गंज निवासी एक शख्स ने निवेश के नाम पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उनको व्हाट्सएप पर मैसेज और कॉल से संपर्क किया गया। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि शेयर मार्केट में निवेश करने पर उनको 100 फीसदी मुनाफा होगा। पीड़ित को जाल में फंसाकर उनसे अपना एप्लीकेशन डाउनलोड कराया गया। इसके बाद धीरे-धीरे इस ऐप पर आरोपी निवेश करवाते गए। पीड़ित को ऑनलाइन खूब मुनाफा भी दिखता रहा। खाते से रकम निकालने की बात पर उनसे और निवेश की बात की जाती। पीड़ित से धीरे-धीरे लाखों रुपये ठग लिए गए।
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कर्नाटक और मध्य प्रदेश में हुई छापेमारी, वहां से दबोचे गए आरोपी : वरिष्ठ अधिकारियों ने एक टीम को बेंगलुरु, कर्नाटक भेजा। वहां से 3 मई को इस पूरे रैकेट के एक मास्टर माइंड रवि राठौड़ को गिरफ्तार किया गया। इसके पास से दो लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, एक महिंद्रा स्कोर्पियो-एन गाड़ी व अन्य सामान बरामद हुआ। दूसरी टीम को सनावद, खारगोन, मध्य प्रदेश भेजा गया। वहां से पुलिस ने सुदामा और विकास को 5 मई को गिरफ्तार किया। छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपियों ने सनावद में कॉल सेंटर बनाया हुआ था। यहां से पूरे देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी की जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों में रवि कंप्यूटर इंजीनियर व बाकी दोनों आरोपी बीकॉम पास है। रवि व सुदामा ने मिलकर इस पूरी साजिश को रचा था। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।
आरोपियों के पास से यह सामान हुआ बरामद : पुलिस ने आरोपियों के पास से चार सीपीयू, तीन लैपटॉप, 8 स्मार्ट फोन, 11 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, कई बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड्स, कई डायरी, एक एसयूवी गाड़ी बरामद।
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शेयर बाजार में निवेश के लिए फर्जी वेबसाइट बनाकर की साइबर ठगी, 14232 ट्रांजैक्शन मिले
-कर्नाटक से कंप्यूटर इंजीनियर कर रहा था वेबसाइट का संचालन
-रुपयों की लेनदेन और कॉल सेंटर मध्य प्रदेश के सनावद, खारगोन से हो रहा था संचालित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शेयर बाजार में मुनाफे की गारंटी देकर निवेश कराने के नाम पर 100 करोड़ की ठगी में मध्य जिला पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों की पहचान बेंगलुरु, कर्नाटक निवासी रवि राठौड़ (31), खंडवा, एमपी निवासी विकास राठौड़ (26) और खंडवा, एमपी निवासी सुदामा (29) के रूप में हुई है।
आरोेपियों ने ट्रेड मेकर अल्गो डॉट कॉम के नाम से एक फर्जी वेबसाइट बनाई हुई थी। इनकी अल्गो के नाम से गूगल प्ले स्टोर पर एक फर्जी एप्लीकेशन भी मौजूद थी। इनकी मदद से आरोपियों ने देशभर के लोगों से करीब 99.77 करोड़ रुपये की ठगी की। इनके बैंक खातों की पड़ताल से 14232 ट्रांजैक्शन का पता चला है। आरोपियों में रवि राठौड़ कंप्यूटर इंजीनियर है। उसने विकास राठौड़ के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। फिलहाल बैंक खातों की पड़ताल करने से 636 बैंक खातों का पता चला है। पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन की जा रही है।
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मध्य जिला के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि पहाड़गंज निवासी एक शख्स ने निवेश के नाम पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि उनको व्हाट्सएप पर मैसेज और कॉल से संपर्क किया गया। आरोपियों ने पीड़ित से कहा कि शेयर मार्केट में निवेश करने पर उनको 100 फीसदी मुनाफा होगा। पीड़ित को जाल में फंसाकर उनसे अपना एप्लीकेशन डाउनलोड कराया गया। इसके बाद धीरे-धीरे इस ऐप पर आरोपी निवेश करवाते गए। पीड़ित को ऑनलाइन खूब मुनाफा भी दिखता रहा। खाते से रकम निकालने की बात पर उनसे और निवेश की बात की जाती। पीड़ित से धीरे-धीरे लाखों रुपये ठग लिए गए।
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कर्नाटक और मध्य प्रदेश में हुई छापेमारी, वहां से दबोचे गए आरोपी : वरिष्ठ अधिकारियों ने एक टीम को बेंगलुरु, कर्नाटक भेजा। वहां से 3 मई को इस पूरे रैकेट के एक मास्टर माइंड रवि राठौड़ को गिरफ्तार किया गया। इसके पास से दो लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, एक महिंद्रा स्कोर्पियो-एन गाड़ी व अन्य सामान बरामद हुआ। दूसरी टीम को सनावद, खारगोन, मध्य प्रदेश भेजा गया। वहां से पुलिस ने सुदामा और विकास को 5 मई को गिरफ्तार किया। छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपियों ने सनावद में कॉल सेंटर बनाया हुआ था। यहां से पूरे देशभर के लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी की जा रही थी। पकड़े गए आरोपियों में रवि कंप्यूटर इंजीनियर व बाकी दोनों आरोपी बीकॉम पास है। रवि व सुदामा ने मिलकर इस पूरी साजिश को रचा था। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।
आरोपियों के पास से यह सामान हुआ बरामद : पुलिस ने आरोपियों के पास से चार सीपीयू, तीन लैपटॉप, 8 स्मार्ट फोन, 11 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, कई बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड्स, कई डायरी, एक एसयूवी गाड़ी बरामद।