भाजपा विधायकों को सुषमा स्वराज ने दी नसीहत
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फरीदाबाद में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भाजपा विधायकों को सुशासन और विकास का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक सफल विधायक के लिए अपने क्षेत्र में लोकप्रियता, विधानसभा में सक्रियता और विकास प्रगतिशीलता जरूरी है। वह रविवार को सूरजकुंड स्थित होटल राजहंस में पार्टी विधायकों के प्रशिक्षण शिविर के समापन को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने विधायकों को नसीहत देते हुए भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए काम करने को कहा। विदेश मंत्री ने कहा कि जिस भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा यहां सत्ता में आई है, उसका सफाया दिखाई देना चाहिए।
साथ-साथ विकास भी हो, तभी सुशासन आएगा। उन्होंने कहा विकास की जड़ में भ्रष्टाचार होगा तो सुशासन के मायने खत्म हो जाएंगे।
मेरी यात्रा भी हरियाणा से शुरु हुई है
सुषमा ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा भी हरियाणा से 1977 में बतौर विधायक शुरू हुई थी, उस समय इस तरह के प्रशिक्षण शिविर नहीं लगते थे, जो कुछ सीखा वह अनुभव से ही सीखा है।
उन्होंने विधायकों से लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा के चार से 47 विधायक बने हैं, ये प्रदेश के लोगों की उम्मीद और आस्था का वोट है।
प्रदेश के लोगों की उम्मीद है कि भाजपा राज्य में साफ-सुथरा शासन देगी। पार्टी के सभी विधायक भी लोगों की इस उम्मीद पर खरा उतरें। उन्होंने कहा कि आप 24 घंटे की बात करके जनता को गुमराह नहीं करें, लोगों से मिलने का समय तय करें। उनके काम करें। नेता से बड़ा बनने की कोशिश न करें। उनके सेवक बनें। उनके बीच में रहें। संवाद बनाए रखें।
इन्होंने कहा सत्ता साध्य नहीं साधन है
इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने ‘सत्ता साध्य नहीं साधन है’ विषय पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सत्ता सरकार हमारा लक्ष्य नहीं है, सेवा करना मकसद है। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों से यही अपेक्षा है कि वे विधानसभा और उसके बाहर कहीं भी गलत आचरण न करें।
सबसे दिलचस्प रही केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र सिंह की क्लास। उन्होंने चार दशक तक विभिन्न पार्टियों में मिले तजुर्बे को साझा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा जैसी रीति-नीति और संस्कृति कहीं देखने को नहीं मिली।
इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा कि नया भूमि अधिग्रहण कानून देश और किसान हित में है। उधर, रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह से जब पाकिस्तान द्वारा सीजफायर उल्लंघन पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सीमा पर दो जवान शहीद हो गए हैं। हालत चिंताजनक है, लेकिन हमारी सेना सतर्क है। वहीं सुषमा स्वराज इस बारे में कुछ भी बोलने से बचती रहीं।