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गाजीपुर लैंडफिल साइट पर लगाया गया मियावाकी सघन वन
Wed, 23 Dec 2020 01:05 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 23 Dec 2020 01:05 PM IST
सार
- दो वर्ष में घने जंगल में तब्दील होने का दावा
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गाजीपुर बॉर्डर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्वी दिल्ली नगर निगम द्वारा मंगलवार को गाजीपुर लैंडफिल साइट पर मियावाकी सघन वन लगाया गया। इसे एक संस्था के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है। निगम द्वारा मियावाकी तकनीक द्वारा स्थापित यह वन 2 वर्ष में आत्मनिर्भर होने का दावा है। पूर्वी निगम के मुख्य अभियंता प्रदीप कुमार खंडेलवाल ने बताया कि मियावाकी एक जापानी वृक्षारोपण तकनीक है जो पर्यावरण विशेषज्ञ अकीरा मियावाकी की देन है।
इसमें शहर के बीच छोटे जंगल विकसित किए जाते हैं। इस विशेष तकनीक के अंतर्गत 40 से भी अधिक प्रकार के पौधे लगाए जाते हैं। इसमें फलदार, फूलदार, टिंबर, औषधीय और झाड़ीदार पौधे शामिल होते हैं। विशेष तकनीक से लगाए गए यह पौधे 10 गुना तेजी से बढ़कर 30 गुना जंगल तैयार करने में मदद करते हैं।
गौरतलब है कि सितंबर में गाजीपुर लैंडफिल के प्रवेश द्वार पर करीब 450 वर्ग मीटर के क्षेत्र में लगभग 1000 पौधे लगाए गए थे। इसी तकनीक के आधार पर लैंडफिल के अंदर भी 1000 पौधे लगाए जा रहे हैं। यह पौधे लैंडफिल से निकलने कारक और दूषित हवा को साफ कर आसपास के वातावरण को स्वच्छ करने में मदद करेंगे।
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इसमें शहर के बीच छोटे जंगल विकसित किए जाते हैं। इस विशेष तकनीक के अंतर्गत 40 से भी अधिक प्रकार के पौधे लगाए जाते हैं। इसमें फलदार, फूलदार, टिंबर, औषधीय और झाड़ीदार पौधे शामिल होते हैं। विशेष तकनीक से लगाए गए यह पौधे 10 गुना तेजी से बढ़कर 30 गुना जंगल तैयार करने में मदद करते हैं।
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गौरतलब है कि सितंबर में गाजीपुर लैंडफिल के प्रवेश द्वार पर करीब 450 वर्ग मीटर के क्षेत्र में लगभग 1000 पौधे लगाए गए थे। इसी तकनीक के आधार पर लैंडफिल के अंदर भी 1000 पौधे लगाए जा रहे हैं। यह पौधे लैंडफिल से निकलने कारक और दूषित हवा को साफ कर आसपास के वातावरण को स्वच्छ करने में मदद करेंगे।
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