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खुद को 15 साल तक मृत बताकर बचता रहा बदमाश, ऐसे हुआ गिरफ्तार
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 21 Aug 2018 09:39 PM IST
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खुद को मृत घोषित कर पुलिस की आंखों में 15 साल से धूल झोंक रहे 25 हजार के इनामी बदमाश को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव धूधली, शामली, (यूपी) निवासी मदन (50) के रूप में हुई है।
1999 में पुलिस ने पश्चिम विहार से आरोपी को डकैती की साजिश रचते रंगे हाथों पकड़ा था। जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी फरार हो गया। 2003 में कोर्ट ने मदन को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद परिवार ने उसके मरने की सूचना पुलिस को देकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र दे दिया था।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि 17 अगस्त को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि 15 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा बदमाश मदन शामली स्थित अपने गांव धूंधली आने वाला है।
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सूचना के बाद पुलिस टीम ने वहां पर छापेमारी की और मदन को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान मदन ने बताया कि 1999 में वह गिरफ्तार हुआ था। बाद में वह जमानत पर छूट गया। इसके बाद वह कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
इसके बाद वह गोरखपुर शिफ्ट हो गया। वहां उसने बेटे को कपड़ों की दुकान खुलवा दी। इधर, मदन ने अपना फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पुलिस को उसके मरे होने की सूचना भी भिजवा दी, लेकिन पकड़े जाने पर उसकी पोल खुल गई।
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1999 में पुलिस ने पश्चिम विहार से आरोपी को डकैती की साजिश रचते रंगे हाथों पकड़ा था। जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी फरार हो गया। 2003 में कोर्ट ने मदन को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद परिवार ने उसके मरने की सूचना पुलिस को देकर फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र दे दिया था।
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अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन ने बताया कि 17 अगस्त को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि 15 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा बदमाश मदन शामली स्थित अपने गांव धूंधली आने वाला है।
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सूचना के बाद पुलिस टीम ने वहां पर छापेमारी की और मदन को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान मदन ने बताया कि 1999 में वह गिरफ्तार हुआ था। बाद में वह जमानत पर छूट गया। इसके बाद वह कभी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
इसके बाद वह गोरखपुर शिफ्ट हो गया। वहां उसने बेटे को कपड़ों की दुकान खुलवा दी। इधर, मदन ने अपना फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पुलिस को उसके मरे होने की सूचना भी भिजवा दी, लेकिन पकड़े जाने पर उसकी पोल खुल गई।