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कश्मीर में उपद्रवियों पर ऐसे कसी जाएगी नकेल, अब मिर्ची और बदबू बम हो सकते हैं विकल्प
संतोष कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:26 AM IST
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श्रीनगर में सुरक्षा बलों पर पथराव करते युवक
- फोटो : PTI
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जम्मू कश्मीर में उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए पैलेट गन के विकल्प के तौर पर मिर्ची बम व बदबू बम का इस्तेमाल किया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में इसका ट्रायल चल रहा है।
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मंत्रालय के मानकों पर ट्रायल अभी तक खरा उतरा है। अधिकारियों के मुताबिक, अभी आगे भी इसके कुछ ट्रायल होने हैं। इसके बाद इसे बेड़े में शामिल करने का फैसला लिया जाएगा। खास बात यह कि प्रगति मैदान में सोमवार को शुरू हुए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एक्सपो में मिर्ची व बदबू बम व इसके लांचर का प्रदर्शन
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भी किया गया है।
मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने पैलेट गन से बड़ी संख्या में कश्मीरियों के घायल होने के बाद एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने कश्मीर में पैलेट गन के विकल्प के तौर पर कम घातक माने जाने वाले मिर्ची व बदबू फैलाने वाले पाउडर के गोले का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी।
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इसके बाद दोनों बमों के लांचर पर भी काम शुरू हुआ। फिलहाल यह बनकर तैयार है। गृह मंत्रालय दो बार इसका ट्रायल भी कर चुका है। लांचर बनाने वाली कंपनी एएएक्स ग्लोबल के राना सिंह ने बताया कि गृह मंत्रालय की मांग के बाद दोनो बमों व उसके लांचर को तैयार किया गया।
बमों से शरीर पर नहीं पड़ेगा स्थायी असर
Security while Voilance in Kashmir
- फोटो : PTI
इसमें डीआरडीओ भी सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल इसके ट्रायल चल रहे हैं। अभी तक यह उम्मीद पर खरे उतरे हैं। इससे संतुष्ट होने के बाद कमेटी गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट देगी।
लांचर से मिली सहूलियत
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पहले से प्रचलित मिर्ची बम को हाथ से फेंकना पड़ता था। इससे इसकी रेंज 30 मीटर तक भी नहीं रहती थी। दूसरी तरफ सैनिक उपद्रवियों की तरफ से फेंके गये पत्थरों की जद में आ जाते थे। लेकिन लांचर से अब इसे 100 मीटर दूर तक फेंका जा सकता है।
बमों से शरीर पर नहीं पड़ेगा स्थायी असर
मिर्ची बम व बदबू बम से शरीर को कोई स्थायी नुकसान नहीं होगा। मिर्ची बम के गोले की चपेट में आने से उपद्रवियों की शरीर में तेज जलन होगी और व्यक्ति कुछ देर के लिये कमजोरी महसूस करेगा। वहीं, बदबू बम से उपद्रवियों को उल्टी होने के साथ चक्कर भी आएंगे। इससे उपद्रवियों की भीड़ पर आसानी से काबू पाया जा सकेगा।
तीन दिवसीय सुरक्षा एक्सपो शुरू
प्रगति मैदान में 3 दिवसीय भारतीय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एक्सपो की सोमवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने शुरुआत की। इसमें देश-विदेश से रक्षा उत्पादक, निर्यातक व वितरक सहित विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
प्रदर्शनी में सुरक्षा से जुड़ी तमाम नई तकनीकों के प्रदर्शन के साथ ही ड्रोन व आग से बचाव का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा। मेक इन इंडिया थीम पर आयोजित एक्सपो का आयोजन गृह मंत्रालय कर रहा है।
वहीं, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) समेत दूसरे अर्धसैनिक बल सह आयोजक हैं। तीन दिनों तक 10-2 बजे के बीच बिजनेस विजिटर व 2-6 के बीच आम दर्शक बगैर किसी शुल्क में एक्सपो में प्रवेश कर सकेंगे।
लांचर से मिली सहूलियत
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पहले से प्रचलित मिर्ची बम को हाथ से फेंकना पड़ता था। इससे इसकी रेंज 30 मीटर तक भी नहीं रहती थी। दूसरी तरफ सैनिक उपद्रवियों की तरफ से फेंके गये पत्थरों की जद में आ जाते थे। लेकिन लांचर से अब इसे 100 मीटर दूर तक फेंका जा सकता है।
बमों से शरीर पर नहीं पड़ेगा स्थायी असर
मिर्ची बम व बदबू बम से शरीर को कोई स्थायी नुकसान नहीं होगा। मिर्ची बम के गोले की चपेट में आने से उपद्रवियों की शरीर में तेज जलन होगी और व्यक्ति कुछ देर के लिये कमजोरी महसूस करेगा। वहीं, बदबू बम से उपद्रवियों को उल्टी होने के साथ चक्कर भी आएंगे। इससे उपद्रवियों की भीड़ पर आसानी से काबू पाया जा सकेगा।
तीन दिवसीय सुरक्षा एक्सपो शुरू
प्रगति मैदान में 3 दिवसीय भारतीय अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एक्सपो की सोमवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने शुरुआत की। इसमें देश-विदेश से रक्षा उत्पादक, निर्यातक व वितरक सहित विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
प्रदर्शनी में सुरक्षा से जुड़ी तमाम नई तकनीकों के प्रदर्शन के साथ ही ड्रोन व आग से बचाव का लाइव डेमो भी दिखाया जाएगा। मेक इन इंडिया थीम पर आयोजित एक्सपो का आयोजन गृह मंत्रालय कर रहा है।
वहीं, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) समेत दूसरे अर्धसैनिक बल सह आयोजक हैं। तीन दिनों तक 10-2 बजे के बीच बिजनेस विजिटर व 2-6 के बीच आम दर्शक बगैर किसी शुल्क में एक्सपो में प्रवेश कर सकेंगे।