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नोएडा में नाबालिगों के हाथ में ई-रिक्शा की कमान
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 02 Sep 2017 08:46 PM IST
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शहर में ई-रिक्शा की कमान अब नाबालिग के हाथ में है और हर रोज यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। ऐसे नाबालिगों पर पुलिस विभाग और परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। जिससे नाबालिग द्वारा ई-रिक्शा को न चलाया जाए।
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नोएडा में करीब 3 हजार की संख्या में ई रिक्शा चल रहे हैं। जबकि परिवहन विभाग में केवल 500 ई-रिक्शा का ही रजिस्ट्रेशन हो सका है। अगर माने तो नोएडा में करीब 2500 ई-रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन के ही दौड़ाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, इनमें करीब 50 फीसदी ई-रिक्शा को किशोर दौड़ाते दिखाई देते हैं।
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पुलिसकर्मियों के सामने से भी तेज रफ्तार से निकल जाते हैं और उन पर कार्रवाई नहीं की जाती है। जबकि उनके पास कोई ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं होता है। ऐसे ई-रिक्शा सेक्टर-1 गोलचक्कर से बाटेनिक गार्डन और ममूरा चौक तथा सेक्टर-12-22 तक दौड़ते हैं। अक्सर ई-रिक्शा चालकों द्वारा बैटरी बचाने के चक्कर में रात के समय में लाइट तक नहीं जलाते हैं और अधिकतर की बरसात में लाइट ही नहीं जलती है।
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घटनाओं से नहीं ले रहे सबक
ई-रिक्शा में बैठै यात्रियों के साथ नोएडा में कई घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें नाबालिग द्वारा तेज गति से दौड़ाया जाता है और यातायात नियमों का ज्ञान न होने के कारण अक्सर वाहनों से भिड़ा दिया जाता है।
ऑटो पर भी कुछ इसी तरह का हाल
नोएडा में चल रहे हजारों की संख्या में ऑटो पर नाबालिग ड्राईवर दिख जाएंगे। परिवहन विभाग और पुलिस द्वारा समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। मगर ऑटो की कमान काफी हद तक नाबालिग के हाथों में ही है।
शहर में अभी तक 500 ई-रिक्शा रजिस्ट्रर्ड हुए हैं, बाकी अवैध रूप से चलाए जा रहे हैं। अवैध ई-रिक्शा पर कार्रवाई की जा रही है। बिना ड्राइविंग लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन भी नहीं किया जाता है। नाबालिग चालक मिलने पर ऑटो या ई-रिक्शा मालिक पर कार्रवाई की जाएगी।
एके पांडेय, एआरटीओ प्रशासन