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डिप्थीरिया से 5 साल बच्ची की मौत, डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में हुआ खुलासा
ब्यूरो, अमर उजाला, गुरुग्राम
Updated Thu, 04 Oct 2018 09:27 PM IST
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शहर में डिप्थीरिया से पांच वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। बच्ची का दिल्ली के महर्षि वाल्मिकी अस्पताल में इलाज चल रहा था। 11 सितंबर को बच्ची की मौत हो गई। इसका खुलासा अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग को भेजी रिपोर्ट से हुआ है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यह जिले में डिप्थीरिया से होने वाली पहली मौत है।
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मूलरूप से उत्तरप्रदेश के दयालपुर गांव निवासी रहमान परिवार के साथ बादशाहपुर के त्यागीवाड़ा मोहल्ले में रहता है। वह मजदूरी करता है। उसकी बेटी नाजीन ( 5) यूपी स्थित अपने गांव में ही रहती थी। वह कभी-कभी यहां अपने माता-पिता के पास आकर भी रहती थी। नाजीन अगस्त में गुरुग्राम आई थी। यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए गए एमआर अभियान के तहत उसका टीकाकरण भी हुआ था।
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30 अगस्त के आसपास उसे बुखार हुआ और गले में सूजन रहने लगी। उसे पास के निजी अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन इस बीमारी का पता नहीं लगा और दवा लेने से उसे कोई फर्क नहीं पड़ा। परिजनों ने 3 सितंबर को उसे सिविल लाइन स्थित नागरिक अस्पताल में भी दिखाया। यहां भी जांच में डिप्थीरिया का पता नहीं चल पाया।
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हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे दिल्ली के एम्स अस्पताल में ले गए। जहां जांच के बाद उसे महर्षि वाल्मीकि अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां बच्ची का इलाज किया गया और उसे दवा दी गई। बाद में परिजन उसे गांव ले गए।
इसी बीच 11 सितंबर को यूपी स्थित गांव में उसकी मौत हो गई। जिला स्वास्थ्य विभाग को इस मामले की जानकारी बच्ची की मौत के करीब 20 दिन बाद मिली है। दिल्ली स्थित अस्पताल की ओर से डब्ल्यूएचओ को मामले की रिपोर्ट दी गई थी जिसमें डिप्थीरिया से मौत का खुलासा हुआ।
बच्ची गुरुग्राम की रहने वाली नहीं थी। उसका इलाज भी दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था। यहां वह अपने माता-पिता के पास आई हुई थी। उसे डिप्थीरिया की पुष्टि हुई थी। यूपी के गांव में ही उसकी मौत हुई। -डॉ. नीलम थापर, उप-सिविल सर्जन
इसी बीच 11 सितंबर को यूपी स्थित गांव में उसकी मौत हो गई। जिला स्वास्थ्य विभाग को इस मामले की जानकारी बच्ची की मौत के करीब 20 दिन बाद मिली है। दिल्ली स्थित अस्पताल की ओर से डब्ल्यूएचओ को मामले की रिपोर्ट दी गई थी जिसमें डिप्थीरिया से मौत का खुलासा हुआ।
बच्ची गुरुग्राम की रहने वाली नहीं थी। उसका इलाज भी दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था। यहां वह अपने माता-पिता के पास आई हुई थी। उसे डिप्थीरिया की पुष्टि हुई थी। यूपी के गांव में ही उसकी मौत हुई। -डॉ. नीलम थापर, उप-सिविल सर्जन