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मंत्री राजेंद्र पाल का औचक निरीक्षण, विजिटर्स विंडो बंद मिलने पर भड़के मंत्री
Tue, 11 Jun 2019 07:41 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 11 Jun 2019 07:41 PM IST
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मंत्री राजेंद्र पाल गौतम दौरा करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली सरकार के मंत्री राजेंद्र पाल गौतम गीता कॉलोनी समाज कल्याण विभाग के जिला कार्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान विकलांगों को मिलने वाली पेंशन वाली खिड़की बंद मिलने पर नाराजगी जाहिर की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग 60% स्टाफ पर काम कर रहा है जिसके कारण हमें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अगर एक भी अधिकारी छुट्टी पर चला जाए, तो खासी दिक्कत होती है।
इस संदर्भ में कई बार दिल्ली के उपराज्यपाल को लिख चुका हूं, और उनसे स्टाफ पूर्ति की मांग कर चुका हूं लेकिन अभी तक इस पर कोई सफलता हासिल होती नहीं दिख रही। सर्विस विभाग हमारे पास न होने के कारण, अधिकारियों की नियुक्ति उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में हैं।
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समाज कल्याण विभाग में सीधे तौर पर जनता को सुविधा देने के मामलों में तो कम से कम इसे जल्द पूरा करा देना चाहिए। जब भी इस तरह के मामले सामने आते हैं तो जनता हताश और परेशान होती है और जिसका सीधा इल्जाम दिल्ली सरकार पर आता है। जबकि सच्चाई ये है कि दिल्ली सरकार जन प्रिय सरकार है और जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहती है।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग 60% स्टाफ पर काम कर रहा है जिसके कारण हमें कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अगर एक भी अधिकारी छुट्टी पर चला जाए, तो खासी दिक्कत होती है।
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इस संदर्भ में कई बार दिल्ली के उपराज्यपाल को लिख चुका हूं, और उनसे स्टाफ पूर्ति की मांग कर चुका हूं लेकिन अभी तक इस पर कोई सफलता हासिल होती नहीं दिख रही। सर्विस विभाग हमारे पास न होने के कारण, अधिकारियों की नियुक्ति उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में हैं।
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समाज कल्याण विभाग में सीधे तौर पर जनता को सुविधा देने के मामलों में तो कम से कम इसे जल्द पूरा करा देना चाहिए। जब भी इस तरह के मामले सामने आते हैं तो जनता हताश और परेशान होती है और जिसका सीधा इल्जाम दिल्ली सरकार पर आता है। जबकि सच्चाई ये है कि दिल्ली सरकार जन प्रिय सरकार है और जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहती है।
हालांकि जब तक स्टाफ पूर्ति नहीं होती, मंत्री ने जिला अधिकारी को निर्देश दिए कि कोई भी खिड़की बंद नहीं की जाएगी। अगर कोई छुट्टी पर है, तो उसकी अनुपस्थिति में वरिष्ठ अधिकारी खिड़की संभालेंगे। किसी भी सूरत में आने वाली जनता को गुमराह न किया जाए।
अगर डॉक्यूमेंट्स में किसी भी तरह की त्रुटि है तो उसे खुद अधिकारी पहली बार में ही स्पष्ट कर, ठीक करें। बेफिजूल में विकलांगों और वृद्ध जनों को परेशान न करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वृद्धावस्था पेंशन पांच लाख हैं, इतनी बड़ी संख्या होने के कारण और स्टाफ की कमी के कारण कभी कभार दिक्कतें आना लाज़मी है।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विधायकों द्वारा किया गया सत्यापन भी मान्य है, अगर सेल्फ अटेस्टेशन में कोई दिक्कत है तो। क्यूंकि विधायक भी सभी दस्तावेज देखकर ही सत्यापित करते हैं।
अगर डॉक्यूमेंट्स में किसी भी तरह की त्रुटि है तो उसे खुद अधिकारी पहली बार में ही स्पष्ट कर, ठीक करें। बेफिजूल में विकलांगों और वृद्ध जनों को परेशान न करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वृद्धावस्था पेंशन पांच लाख हैं, इतनी बड़ी संख्या होने के कारण और स्टाफ की कमी के कारण कभी कभार दिक्कतें आना लाज़मी है।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विधायकों द्वारा किया गया सत्यापन भी मान्य है, अगर सेल्फ अटेस्टेशन में कोई दिक्कत है तो। क्यूंकि विधायक भी सभी दस्तावेज देखकर ही सत्यापित करते हैं।