{"_id":"583c28f54f1c1b0e1ede53cc","slug":"minister-do-not-dare-to-shut-illegal-bore","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध बोर को बंद कराने का साहस नहीं कर पाए मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध बोर को बंद कराने का साहस नहीं कर पाए मंत्री
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 29 Nov 2016 09:30 AM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी कड़क मिजाज के लिए पहचाने जाने वाले शहरी स्थानीय निकाय राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर एक अवैध बोर को बंद कराने का साहस नहीं कर पाए। हैरानी की बात ये है कि ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य भी अवैध बोर करने वाले का बचाव करने में लामबंद हो गए। अब सरकार से इसके लिए पॉलिसी लाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि वह अवैध बोर सत्ता पार्टी से जुड़े प्रभावशाली व्यक्ति का है।
विज्ञापन
बल्लभगढ़ तहसील के मच्छगर गांव निवासी रामकुमार ने ग्रीवेंस कमेटी में शिकायत दर्ज कराई है कि गांव में अवैध बोरिंग से पानी कारोबार हो रहा है। इस पर पिछली बैठक में एसडीएम पार्थ गुप्ता को जांच करने का आदेश दिया गया था।
विज्ञापन
जांच अधिकारी ने सोमवार की बैठक में मंत्री को बताया कि उक्त इलाका गैर अधिसूचित क्षेत्र का है। वहां कार्रवाई करने का अधिकार ग्राउंड वाटर अथॉरिटी को है। उन्हें पत्र लिखा जा चुका है। इस पर मंत्री और अन्य अधिकारियों ने गुफ्तगू की।
विज्ञापन
इसी बीच एक ग्रीवेंस कमेटी के सदस्य ने बताया कि जिले में कुल 2700 ऐसी यूनिटें चल रही हैं। इसके लिए सरकार को पॉलिसी लानी चाहिए, क्योंकि उन्हें बंद करने से पानी का संकट पैदा हो जाएगा। बाद में प्रेसवार्ता में मंत्री ने माना कि वह अवैध बोर को बंद नहीं करा पाए।
फिर भी इसकी रिपोर्ट लेकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।साथ ही उन्होंने शिकायत का निस्तारण भी कर दिया। जानकारों का कहना है कि जिसके खिलाफ शिकायत की गई है उसकी सत्ता में ऊंची पहुंच होने के कारण मंत्री जी कार्रवाई करने का साहस नहीं कर पाए।