फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   migratory birds went back to their countries as season overs

सैलानियों का दिल जीत वापस उड़ चले प्रवासी परिंदे

Sun, 27 Mar 2016 08:58 AM IST
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sun, 27 Mar 2016 08:58 AM IST
विज्ञापन
migratory birds went back to their countries as season overs
पक्षी चले अपने घर - फोटो : अमर उजाला
सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान से साइबेरिया, मंगोलिया और यूरोप से आए परिंदे अब वापसी करने लगे हैं। संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल के पहले सप्ताह तक उद्यान की झील मेहमानों से खाली हो जाएगी। पिछले पांच माह से इन परिंदों की चहचहाहट और अठखेलियों ने हर किसी का दिल जीता। इन्हें निहारने के लिए रोजाना सैकड़ों पक्षी प्रेमी उद्यान पहुंचते रहे। अब मेहमान पक्षी ‘आ अब लौट चले’ मोड पर आ गए हैं।
विज्ञापन


मार्च के मध्य से ही राष्ट्रीय पक्षी उद्यान से विदेशी परिंदे अपने मूल स्थान की ओर उड़ान भरने लगे हैं। अब रोजाना इनकी संख्या घटती जा रही है। ज्यों-ज्यों मौसम में गर्माहट बढ़ती जा रही है, मेहमानों की वतन वापसी उतना ही जोर पकड़ती जा रही है। उद्यान परिसर में अभी बार हेडेड गूज और ग्रे लेक गूज की अच्छी खासी संख्या है। पक्षी विशेषज्ञ अनिल गंडास का कहना है कि यह वह पक्षी हैं जो सबसे अधिक समय तक यहां रहते हैं। अब झील में करीब 10 हजार पक्षी मौजूद हैं।
विज्ञापन


राष्ट्रीय पक्षी उद्यान और पक्षी प्रेमियों के लिए यह सर्दी काफी खास रही। इस बार पक्षियों का आगमन भले ही देरी से हुआ मगर जब उनके आने का सिलसिला शुरू हुआ, तब उनके आगमन का एक दशक पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस बार एक लाख से अधिक परिंदों ने उद्यान की झील में अठखेलियां की। ‘ह्वाइट कैप्ड रेडस्टार्ट’ जैसे पक्षी भी इस बार खूब दिखे। अब तक यह सबसे अधिक भूटान, कंबोडिया, दक्षिण पूर्व एशिया, लाओस, म्यामार, नेपाल, तजाकिस्तान, थाईलैंड, तिब्बत और वियनतान में देखे जाते थे। उद्यान की देखरेख कर रहे सुरेश बताते हैं कि सुल्तानपुर झील में 'रूडी ब्रेस्टेड क्रोक’ पक्षी कई वर्षाें के बाद दिखा।

इन पक्षियों ने जीता दिल
ओरियंटल ह्वाइट आई, स्केले थ्रुश, ह्वाइट-रैंप्ड निडलटेल, रेड वैटल्ड लैपविंग, रिवर लैपिंग, यूरेशियन ब्लैक बर्ड, कॉमन बैब्लर, कॉमन टील, ग्रूज, क्रेस्टेड, यूरेशियन स्पैरोहॉक, स्पॉटेड रेडशांक, रोजी पेलिकन, गोडवाल, वुड सैंडपिपर, ब्लैक टेल व एशियन कोयल


हरसरू बना परिंदों का नया अड्डा
हरसरू में सेज के लिए अधिग्रहित जमीन पर स्थिति लाना भी परिंदों का पनाहगार बना। अभी भी वहां करीब पांच हजार परिंदे मौजूद हैं। पूरी सर्दी यह स्थान भी साइबेरियन और यूरोपियन पक्षियों से गुलजार रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed