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केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के केस में आमने सामने CBI व गृह मंत्रालय

Thu, 22 Jun 2017 01:59 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 22 Jun 2017 01:59 PM IST
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MHA didn't send an approval to carry forward the case of former secretary Rajendra Kumar.
- फोटो : Getty

अरविंद केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार पर सीबीआई द्वारा भ्रष्टाचार करने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। हालाकिं अब तक केस को आगे नहीं बढ़ाया गया है।

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सीबीआई का कहना है कि उन्हें अभी तक इस संदर्भ में गृह मंत्रालय की ओर से केस को आगे बढ़ाने का कोई आदेश नहीं मिला है। जबकि गृह मंत्रालय का कहना है कि वह फरवरी में ही मामले को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे चुका है।
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बता दें क‌ि दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैबलिशमेंट एक्ट (डीएसपीई) के मुताबिक भ्रष्टाचार के आरोप से घिरे किसी भी सरकारी अफसर पर कोई कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार की अनुमति लेना जरूरी है।
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इस देरी के बारे में बताते हुए एक सीबीआई अधिकारी ने कहा कि अगर इस मामले की कार्रवाई करने में ऐसी ही देरी हुई तो आरोप साबित करने में परेशानी हो सकती है और आरोपी को भी लंबी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

MHA didn't send an approval to carry forward the case of former secretary Rajendra Kumar.

गौरतलब है कि सरकारी नौकरों पर लगने वाले भ्रष्टाचार के आरोपों के मामलों का जल्द निपटारा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 1997 में एक गाइडलाइन जारी की थी जिसके तहत,किसी भी केस को आगे बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय को तीन महीने के अंदर अपनी स्वीकृति देने का समय होता है।

सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने 2 दिस्मबर 2016 को गृह मंत्रालय से केस को आगे बढ़ाने की मांग की थी। इसके एक हफ्ते बाद ही सीबीआई ने चार्जशीट फाइल की थी। लेकिन इसके बावजूद मंत्रालय की ओर से कोई आदेश नहीं मिला है। 

उधर केंद्रीय सतर्कता आयोग ने भी इस बात की पुष्ट‌ि की है कि गृह मंत्रालय की ओर से इस मामले में कोई निर्देश नहीं मिले हैं और इस मामले की फाइल मंत्रायलय में ही अटकी है। जिस कारण से फैसला लेने में देरी हो रही है।
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MHA didn't send an approval to carry forward the case of former secretary Rajendra Kumar.

राजेंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दिस्मबर 2015 में फाइल किया गया था। जुलाई 2016 को सीबीआई द्वारा कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि जल्द ही उन्हें रिहाई मिल गई थी। इसके बाद कुमार ने वॉलंट्री रिटायरमेंट के लिए आवेदन किया था, जिसे गृह मंत्रालय ने खारिज कर दिया था। 

बता दें कि सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक कुमार पर आपराधिक साजिश, ठगी और जालसाजी करने का आरोप लगा है। साल 2015 में सीबीआई ने राजेंद्र कुमार के घर पर रेड डाली थी जिसके बाद उनके घर से कुछ ऑडियो रिकॉर्ड‌िंग जब्त की गई थी।

इसी रेड के दौरान आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि सीबीआई के द्वारा लगाए गए सभी आरोप गलत हैं और इनका इस्तेमाल केंद्र सिर्फ केजरीवाल पर निशाना साधने के लिए कर रही है। 

उधर कुमार ने अपने ब्लॉग पर लिखा था कि "मुझ पर लगाए गए सभी इलजाम गलत व बेबुनियाद हैं, सीबीआई आपराधिक दण्ड सहिंता का गलत उपयोग कर रही है।" 

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