भाजपा के लिए मुसीबत बनेगा ये मुद्दा
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गुड़गांव के मेवात के पुन्हाना में मतदान के बाद फैला तनाव भाजपा के लिए मुसीबत बनते जा रही है। अभी तक चार चरणों का मतदान हो चुका है और आगामी दिनों में शेष बची सीटों पर भी चुनाव होंगे।
इनमें ऐसी दो सीटे हैं जिनपर मेवात कर्फ्यू का बुरा असर पड़ सकता है। बता दें कि 24 अप्रैल को गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र के नजदीक राजस्थान और उत्तर प्रदेश की दो-दो सीटों पर मतदान होना है।
मेवात में तनावपूर्ण स्थिति का इन स्थानों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। यह भाजपा के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है। इसलिए भाजपा जल्द से जल्द इस मामले को सुलझाना चाहती है।
मिशन 272 पर पड़ सकता है बुरा असर
भाजपा इन दिनों बुरी मुसीबत में फंस गई है। ये ऐसी मुसीबत है जिसके चलते बचे हुए चरणों के मतदान में भाजपा नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे में जब एक-एक सीट का अपना महत्व है भाजपा किसी भी सीट को गंवाने का रिस्क नहीं ले सकती।
बीजेपी का 272 प्लस का मिशन पाने के लिए जिस तरह भाजपा दिन रात एक कर रही है ये मुसीबत उन सब पर पानी फेर सकती है।
ये समस्या अगर कुछ दिन और चली तो ये व्यापक रूप से भाजपा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ऐसा हुआ तो उसके बड़े तबके के वोटर दूसरी पार्टियों की ओर रुख कर सकते हैं। ये समस्या तीसरे चरण में हुए मतदान के बाद उत्पन्न हुई है।
मेवात कर्फ्यू बना भाजपा के गले की फांस
मेवात में लगा कर्फ्यू भाजपा के लिए परेशानी का सबब बन गया है। राजस्थान के भरतपुर और अलवर लोकसभा सीट पर 24 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, उत्तर प्रदेश की मथुरा और आगरा सीट पर भी इसी दिन छठे चरण का मतदान होगा।
गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र के माहौल का सीधा असर इन सभी सीटों पर पड़ सकता है। इसलिए भाजपा नेता तनावपूर्ण माहौल को भाईचारे में तब्दील करने का प्रयास कर रहे हैं।
मेवात में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास चल रहा है। भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रामबिलास शर्मा और गुड़गांव लोकसभा से प्रत्याशी इंद्रजीत सिंह इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं।