Delhi: मेट्रो ड्रोन से दिल्ली-एनसीआर में करेगी अपनी संपत्ति का सर्वे, अतिक्रमण क्षेत्र को किया जाएगा मुक्त
इस सर्वे में पूरे नौ मेट्रो कॉरिडोर की संपत्तियां शामिल हैं। इसमें पता लगाया जाएगा कि जब स्टेशन, परिसर बना था तो तब क्या स्थिति थी और मौजूदा स्थिति का पता लगाया जाएगा। ड्रोन सर्वे के आधार पर डीएमआरसी मेट्रो की संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेगा।
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दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) जल्द ही दिल्ली-एनसीआर में अपनी संपत्ति का ड्रोन से सर्वे शुरू करेगा। मेट्रो स्टेशनों व इसके आसपास मौजूद मेट्रो की संपत्तियों में अतिक्रमण का पता लगाया जाएगा। इसके लिए वह निजी एजेंसी की मदद लेगा। सर्वे के लिए निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एजेंसी का ड्रोन सर्वे अलग-अलग चरणों में पूरा करना होगा। मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक इस सर्वे का उद्देश्य मेट्रो स्टेशन के आसपास के इलाके व संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराना है। देश जी-20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है, जिससे यहां विभिन्न देशों से मेहमान आएंगे और वह मेट्रो में सफर भी कर सकते हैं।
सर्वे के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
इस सर्वे में पूरे नौ मेट्रो कॉरिडोर की संपत्तियां शामिल हैं। इसमें पता लगाया जाएगा कि जब स्टेशन, परिसर बना था तो तब क्या स्थिति थी और मौजूदा स्थिति का पता लगाया जाएगा। ड्रोन सर्वे के आधार पर डीएमआरसी मेट्रो की संपत्तियों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेगा। दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क करीब 354 किलोमीटर है। इसमें कुल 254 स्टेशन है। इसमें एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन भी शामिल है। ड्रोन से कॉरिडोर के पूरे हिस्से, मेट्रो स्टेशन व पार्किंग स्थलों समेत का फोटो व वीडियो बनाया जाएगा। इसकी मदद से डीएमआरसी अपनी संपत्तियों को चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा।
एजेंसी को तीन साल में देनी होगी रिपोर्ट
एजेंसी को कार्य शुरु करने के बाद तीन वर्ष के अंदर पूरी रिपोर्ट देनी होगी। मेट्रो प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसकी प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। अब इसके लिए कार्य शुरु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई मेट्रो पिलर व स्टेशन के पास अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यात्रियों की असुविधा को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
येलो लाइन पर होगा सबसे पहले सर्वे
डीएमआरसी सबसे पहले येलो लाइन (समयपुर बादली-हुडा सिटी सेंटर) पर सर्वे शुरु करेगा। इसके बाद रेड लाइन (रिठाला-न्यू बस अड्डा गाजियाबाद), ब्लू (द्वारका सेक्टर 21-इलेक्ट्रोनिक सिटी नोएडा/वैशाली), वायलेट (कश्मीरी गेट-बल्लभगढ़), पिंक (मजलिस पार्क-शिव विहार), मजेंटा (जनकपुरी पश्चिम-बोटेनिकल गार्डन), ग्रे लाइन (द्वारका- ढांसा बस स्टैंड) व ग्रीन (इंद्रलोक-बहादुरगढ़) शामिल है। मेट्रो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि येलो व ब्लू लाइन में सबसे अधिक अतिक्रमण की शिकायतें मिलती हैं, लेकिन इनकी जगहों को चिन्हित नहीं नहीं किया जा सका है।