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क्लेम की जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती मेट्रोः हाईकोर्ट

Wed, 19 Feb 2014 11:55 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 19 Feb 2014 11:55 AM IST
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metro cant run away from taking responsiblity: high court

दिल्ली हाईकोर्ट ने दुर्घटना संबंधी मामलों में पीड़ितों की मुआवजे संबंधी याचिकाओं के निपटारे के लिए क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति न करने पर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) को फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि डीएमआरसी कर्तव्यों की उपेक्षा कर रही है।

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न्यायमूर्ति मनमोहन सिंह ने मेट्रो अधिवक्ता के उस तर्क को गंभीरता से लिया कि क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति करने के लिए समय प्रदान किया जाए। अदालत ने कहा कि मेट्रो काफी वर्षों से चल रही है, ऐसे में आप का दायित्व था कि दुर्घटना में पीड़ितों की समस्याओं के निपटारे के लिए उचित फोरम बनाई जाए।
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डीएमआरसी कैसे अपनी जिम्मेदारी से भाग सकती है। लोग राहत पाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। कई लोग मजबूरी में याचिका दायर कर रहे हैं। इसके बाद अदालत ने डीएमआरसी को तीन सप्ताह में क्लेम कमिश्नर नियुक्त करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 25 मार्च तय कर दी।
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अदालत 11 दिसंबर, 11 को चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन पर हुई दुर्घटना में मृत युवक के आश्रितों द्वारा 10 लाख रुपये मुआवजे की मांग संबंधी याचिका पर सुनवाई कर रही है।


याचिकाकर्ता आसिया बेगम ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे खान मोहम्मद (25) की मौत मेट्रो की लापरवाही से हुई थी। उसने मुआवजे के लिए आवेदन किया, लेकिन मेट्रो ने तर्क को इस आधार पर स्वीकार करने से इंकार कर दिया कि दुर्घटना में मेट्रो की लापरवाही नहीं थी। मेट्रो में अभी तक क्लेम कमिश्नर की नियुक्ति नहीं की गई है जिससे मेट्रो प्रशासन मनमर्जी चला रहा है।

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