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कमजोर हुई मेट्रो की ‘ब्रेक द पीक’ मुहिम
Wed, 11 Nov 2020 01:46 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 11 Nov 2020 01:46 PM IST
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delhi metro
- फोटो : PTI
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दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) की ओर से शुरू की गई मुहिम ‘ब्रेक द पीक’ का असर कम होने लगा है। त्योहारी मौसम के दौरान खरीदारी के लिए रोज हजारों की संख्या में यात्री पुरानी दिल्ली, राजीव चौक का रुख कर रहे हैं, तो सुबह-शाम के वक्त दफ्तर आने जाने वालों की वजह से भी कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के बाहर यात्रियों की लंबी लाइन नजर आने लगी है।
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हालांकि भीड़ में खड़े यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजेशन के बाद ही अंदर भेजा जाता है, लेकिन बाहर में उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है। शाम के वक्त खासकर केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, मंडी हाउस, कश्मीरी गेट सरीखे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ काफी अधिक हो गई है।
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कोरोना काल में सभी एहतियाती इंतजाम के साथ 7 सितंबर से मेट्रो सेवाएं शुरू की गईं। इसके बाद 12 सितंबर से सभी लाइनों पर मेट्रो दौड़ने लगी हैं। शुरुआत में लोग संक्रमण से बचने के लिए न केवल मेट्रो स्टेशन बल्कि बाहर भी एहतियात बरत रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे भीड़ बढ़ती जा रही है, सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी करने वालों की तरफ किसी की नजर नहीं जा रही है।
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हालांकि मास्क न पहनने वालों पर पुलिस की तरफ से बाहर भी कार्रवाई हो रही है। मंगलवार को भी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ रही। लाइन लंबी होने की वजह से मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा था। शॉपिंग से लौटने वालों की संख्या भी अधिक होने की वजह से लाइन लंबी होती हुई सर्कल पर दूसरे ब्लॉक तक जा पहुंची। यात्रियों का कहना है कि ‘ब्रेक द पीक’ मुहिम को लागू करने से पहले कुछ और बदलाव किए जाने चाहिए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। ब्यूरो