{"_id":"6a3a8769ba072f1d1e00cdd9","slug":"men-addicted-to-alcohol-smoking-trend-on-the-rise-among-women-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-142273-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: पुरुष शराब के आदी, महिलाओं में बढ़ा धूम्रपान का चलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: पुरुष शराब के आदी, महिलाओं में बढ़ा धूम्रपान का चलन
विज्ञापन
एनएचएफएस-6 के शुरुआती निष्कर्षों ने बढ़ाई चिंता, तनाव और बदलती जीवनशैली प्रमुख कारण
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के शुरुआती निष्कर्षों के मुताबिक, पुरुषों में शराब सेवन की प्रवृत्ति अब भी महिलाओं से अधिक है, जबकि महिलाओं में धूम्रपान और तंबाकू का सेवन बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और बढ़ते तनाव इनकी प्रमुख वजहों में से एक हैं।
तंबाकू और शराब का नियमित सेवन हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रवृत्ति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में इससे जुड़ी बीमारियों का बोझ बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
महिलाओं में धूम्रपान और तंबाकू सेवन का बढ़ता चलन चिंता का विषय है। तंबाकू और निकोटीन का सेवन फेफड़ों, हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। महिलाओं में इसका असर प्रजनन स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। युवाओं और महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सेवाओं और नशामुक्ति कार्यक्रमों को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
-डॉ. प्रवीण कुमार, एडिश्नल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट,गुरु तेग बहादुर अस्पताल
बढ़ता तनाव, अकेलापन और प्रतिस्पर्धी जीवनशैली लोगों को नशे की ओर धकेल रही है। कई लोग तनाव से राहत पाने के लिए शराब और तंबाकू का सहारा लेते हैं, जो बाद में लत का रूप ले लेता है। नशा मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
-डॉ. ओम प्रकाश, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, मानव व्यवहार एवं संबद्ध संस्थान
क्या है एनएफएचएस
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण देश में स्वास्थ्य, पोषण, परिवार कल्याण और जीवनशैली से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन करने वाला प्रमुख सर्वेक्षण है। इसके निष्कर्ष स्वास्थ्य नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के शुरुआती निष्कर्षों के मुताबिक, पुरुषों में शराब सेवन की प्रवृत्ति अब भी महिलाओं से अधिक है, जबकि महिलाओं में धूम्रपान और तंबाकू का सेवन बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, शहरीकरण और बढ़ते तनाव इनकी प्रमुख वजहों में से एक हैं।
तंबाकू और शराब का नियमित सेवन हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, कैंसर, फेफड़ों की बीमारियों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रवृत्ति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में इससे जुड़ी बीमारियों का बोझ बढ़ सकता है।
विज्ञापन
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
महिलाओं में धूम्रपान और तंबाकू सेवन का बढ़ता चलन चिंता का विषय है। तंबाकू और निकोटीन का सेवन फेफड़ों, हृदय और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। महिलाओं में इसका असर प्रजनन स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। युवाओं और महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने की जरूरत है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सेवाओं और नशामुक्ति कार्यक्रमों को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
-डॉ. प्रवीण कुमार, एडिश्नल मेडिकल सुपरिंटेंडेंट,गुरु तेग बहादुर अस्पताल
बढ़ता तनाव, अकेलापन और प्रतिस्पर्धी जीवनशैली लोगों को नशे की ओर धकेल रही है। कई लोग तनाव से राहत पाने के लिए शराब और तंबाकू का सहारा लेते हैं, जो बाद में लत का रूप ले लेता है। नशा मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
-डॉ. ओम प्रकाश, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, मानव व्यवहार एवं संबद्ध संस्थान
क्या है एनएफएचएस
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण देश में स्वास्थ्य, पोषण, परिवार कल्याण और जीवनशैली से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन करने वाला प्रमुख सर्वेक्षण है। इसके निष्कर्ष स्वास्थ्य नीतियों और योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।