Mehrauli Demolition: बेघरों को टेंट और खाना उपलब्ध कराएगी दिल्ली सरकार, अंतिम स्वीकृति को LG के पास भेजी फाइल
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाना चाहती है। यह पहल उन पीड़ितों के लिए स्वागत योग्य कदम है, जो तोड़फोड़ अभियान में आशियाना गंवाने के बाद गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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महरौली में डीडीए की तोड़फोड़ से बेघर हुए परिवारों की मदद के लिए दिल्ली सरकार आगे आई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाओं के साथ टेंट, खाना, कंबल मुहैया कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। दिल्ली सरकार ने यह फाइल अंतिम स्वीकृति के लिए उपराज्यपाल के पास भेज दी है। राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत और मदद पहुंचाने को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाना चाहती है। यह पहल उन पीड़ितों के लिए स्वागत योग्य कदम है, जो तोड़फोड़ अभियान में आशियाना गंवाने के बाद गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस संकट की घड़ी में सरकार की तरफ से की गई कार्रवाई सामाजिक कल्याण और न्याय पर बल देने के साथ ही सक्रिय शासन का उदाहरण प्रस्तुत करती है। इससे पहले राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने को लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा था, जिसमें उन्होंने कहा कि महरौली पुरातत्व पार्क के सीमांकन मामले की जानकारी दो निवासियों ने दी।
यह जानकारी मिलने के तत्काल बाद 10 फरवरी को उन्होंने दक्षिण दिल्ली के डीएम के साथ बैठक की। इस दौरान उन्हें बताया गया कि डीडीए के अनुरोध पर दिसंबर 2021 में सीमांकन किया गया, लेकिन प्रभावित लोगों को सीमांकन के बारे में सूचित नहीं किया गया था। इस कारण उन्होंने 11 फरवरी को दक्षिण दिल्ली के जिलाधिकारी को महरौली पुरातत्व पार्क का नए सिरे से सीमांकन करने के आदेश दिए।
साथ ही, डीएम को सरकार के आदेश से डीडीए अधिकारियों को अवगत कराने का निर्देश दिया था कि इसका फिर से सीमांकन किया जाएगा, लेकिन इन निर्देशों का डीएम ने पालन नहीं किया। इसके बाद 14 फरवरी को फिर उन्होंने डीएम को पत्र के जरिए निर्देशित किया कि सरकार के आदेश से डीडीए अधिकारियों को अवगत कराया जाए, तब डीडीए ने तोड़फोड़ की कार्रवाई बंद की।