{"_id":"215b3da5771baa5d994d9150737e0bbd","slug":"meerut-route-will-run-on-the-emu-not-memu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरठ रूट पर ईएमयू नहीं मेमू दौड़ेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरठ रूट पर ईएमयू नहीं मेमू दौड़ेगी
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद-मेरठ रेलवे ट्रैक पर ईएमयू की जगह मेमू ट्रेन दौड़ेगी। इसका कारण इस रूट पर पड़ने वाले मुरादनगर, दुहाई, गुलधर में प्लेटफार्मों का छोटा होना है।
ऐसे में ईएमयू ट्रेनों का संचालन नहीं हो सकेगा। रेलवे अब प्लेटफार्म बनाने की बजाय चढ़ने-उतरने की सीढ़ियों की सुविधा के कारण मेमू (एमईएमयू) ट्रेन दौड़ाने की तैयारी कर रहा है।
दरअसल, पहले रेलवे इस रूट पर ईएमयू चलाने का दावा कर रहा था, लेकिन इसके लिए सभी प्लेटफार्म हाई श्रेणी (ज्यादा हाईट) के होने चाहिए।
माना जा रहा था कि ट्रायल से पहले दुहाई, गुलधर, मुरादनगर समेत मेरठ और गाजियाबाद के बीच पड़ने वाले छोटे स्टेशनों पर भी ऊंचे प्लेटफार्म बना लिए जाएंगे।
अब रेलवे ने ट्रायल की घोषणा तो कर दी है, पर प्लेटफार्म वहीं रहे। अफसरों का कहना है कि इस रूट पर मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
गुलधर-दुहाई
गाजियाबाद से महज 6 से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इन छोटे स्टेशनों पर प्लेटफार्म नहीं है। गुलधर में रेलवे लाइन से 6 इंच ऊंचा फर्श कर दिया गया। इससे ईएमयू ट्रेन में चढ़ पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन
मुरादनगर
मुरादनगर में मीडियम ऊंचाई का प्लेटफार्म बना है। इससे सामान्य ट्रेनों में चढ़ना तो आसान है, लेकिन ईएमयू ट्रेनें इस रूट पर चली तो यहां भी यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
मोदीनगर
मोदीनगर में अप और डाउन एक-एक लाइन है। यहां हाई श्रेणी का प्लेटफार्म है। इसके चलते ईएमयू चलने में भी कोई परेशानी नहीं होगी।
विज्ञापन
ऐसे में ईएमयू ट्रेनों का संचालन नहीं हो सकेगा। रेलवे अब प्लेटफार्म बनाने की बजाय चढ़ने-उतरने की सीढ़ियों की सुविधा के कारण मेमू (एमईएमयू) ट्रेन दौड़ाने की तैयारी कर रहा है।
विज्ञापन
दरअसल, पहले रेलवे इस रूट पर ईएमयू चलाने का दावा कर रहा था, लेकिन इसके लिए सभी प्लेटफार्म हाई श्रेणी (ज्यादा हाईट) के होने चाहिए।
माना जा रहा था कि ट्रायल से पहले दुहाई, गुलधर, मुरादनगर समेत मेरठ और गाजियाबाद के बीच पड़ने वाले छोटे स्टेशनों पर भी ऊंचे प्लेटफार्म बना लिए जाएंगे।
अब रेलवे ने ट्रायल की घोषणा तो कर दी है, पर प्लेटफार्म वहीं रहे। अफसरों का कहना है कि इस रूट पर मेमू ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।
गुलधर-दुहाई
गाजियाबाद से महज 6 से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इन छोटे स्टेशनों पर प्लेटफार्म नहीं है। गुलधर में रेलवे लाइन से 6 इंच ऊंचा फर्श कर दिया गया। इससे ईएमयू ट्रेन में चढ़ पाना संभव नहीं है।
विज्ञापन
मुरादनगर
मुरादनगर में मीडियम ऊंचाई का प्लेटफार्म बना है। इससे सामान्य ट्रेनों में चढ़ना तो आसान है, लेकिन ईएमयू ट्रेनें इस रूट पर चली तो यहां भी यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
मोदीनगर
मोदीनगर में अप और डाउन एक-एक लाइन है। यहां हाई श्रेणी का प्लेटफार्म है। इसके चलते ईएमयू चलने में भी कोई परेशानी नहीं होगी।