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सेलिब्रेटी की दिवाली: इस दिवाली एक दिया शहीदों के नाम जलाएंगे

Sun, 30 Oct 2016 01:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Sun, 30 Oct 2016 01:03 AM IST
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meenu banga wife will celebrate her diwali in the name of martyrs
मीनू बांगा - फोटो : अमर उजाला

विषम परिस्थितियों में भी देश की सीमाओं पर तैनात रहने वाले जवानों की बदौलत ही हम घर में चैन की सांस ले रहे हैं। इनके बल पर ही अमन-चैन के साथ हम त्योहार मना पाते हैं। देश की खातिर शहीद हुए सैनिकों को दिवाली के इस त्योहार पर एक दीप जलाकर श्रंद्धाजली दी जानी चाहिए। लोगों की यह एकजुटता आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वालों को भारत की ताकत का एहसास दिलाएगी। इससे उन शहीदों के परिवारीजनों को भी एक सम्मान व एक ताकत मिलेगी। यह कहना है शहर के प्रमुख उद्योगपति एवं सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के जनरल एसेंबली मैंबर एसएस बांगा की पत्नी मीनू बांगा का।

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मीनू बांगा समाज से जुड़े कार्यों में बढ़चढ़कर हिस्सा लेती हैं। इस बार उन्होंने दिवाली कुछ अलग अंदाज में मनाने की योजना बनाई है। मीनू बांगा ने बताया कि हमारे वीर सैनिक सरहदों की दिन-रात अपनी जान की चिंता किए बिना रक्षा करते हैं। ऐसे में हमार भी फर्ज बनता है कि हम उनको सम्मान दें। सरहदों पर तैनात जवानों को संदेश भेजने के लिए चलाए गए पीएम नरेंद्र मोदी के अभियान से प्रभावित होकर इस बार बांगा परिवार न केवल इस अभियान में भागीदारी निभाएगा, बल्कि दिवाली पर एक दिया शहीदों के नाम का जलाकर उन्हें नमन भी किया जाएगा।
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मीनू बांगा कहती हैं कि न सिर्फ परिवार बल्कि अब सामाजिक जिम्मेदारियों का बोझ भी बढ़ा है। बचपन में पिता से आतिशबाजी की जिद किया करते थे, लेकिन धीरे धीरे जागरूकता बढ़ी। अब न परिवार में किसी को पटाखे जलाने देती हूं और साथ ही दूसरों को भी प्रदूषण के प्रति जागरूक करती हूं। पति एसएस बांगा के साथ मिलकर घर के आंगन से लेकर ग्रीन बेल्ट तक को हरियाली में तब्दील कर दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहा है बांगा परिवार।
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संदेश:-
पहले लोग आपस में मिलकर खुशियां मनाते थे। अब तो केवल औपचारिकताएं रह गई है। इस दिवाली औपचारिकताओं के बंधन से मुक्त होकर दिल से दिवाली मनाएं। शहीदों का सम्मान जरूर करें।


संकल्प:-
परिवार के साथ साथ समाज के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभा सकूं। पर्यावरण के संरक्षण के लिए ज्यादा से ज्यादा काम कर सकूं, यही मेरा संकल्प है।

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