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Delhi: अस्पतालों में एमडी और एमएस सीख रहे तहजीब, बेहतर होगा अस्पताल का माहौल; सभी स्टाफ को मिलेगी ट्रेनिंग
Wed, 06 Dec 2023 08:25 AM IST
विजय पुंडीर
राकेश शर्मा , अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश शर्मा , अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 06 Dec 2023 08:25 AM IST
सार
प्रशिक्षण का उद्देश्य दिल्ली के अस्पतालों को सुधारना है। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के विशेषज्ञ सभी एमडी-एसएस को संवाद करने की कला के साथ प्रबंधन कौशल की जानकारी दे रहे हैं।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दिल्ली के अस्पतालों में मरीजों को बेहतर माहौल व आधुनिक सुविधाएं देने के लिए चिकित्सा अधीक्षक व चिकित्सा निदेशक (एमडी-एमएस) तहजीब सीख रहे हैं। आने वाले दिनों में यह कला अस्पताल के सभी डॉक्टर और स्टॉफ को भी दी जाएगी।
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प्रशिक्षण का उद्देश्य दिल्ली के अस्पतालों को सुधारना है। प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान के विशेषज्ञ सभी एमडी-एसएस को संवाद करने की कला के साथ प्रबंधन कौशल की जानकारी दे रहे हैं। मौजूदा समय में दिल्ली सरकार के 30 और सोसायटी की मदद से दिल्ली सरकार 8 अस्पताल चला रही है। इस अस्पतालों में रोजाना 50 हजार से अधिक मरीज इलाज करवाने आते हैं। इनमें से कई मरीजों की समस्या संवाद के अभाव में बढ़ जाती है। इस ट्रेनिंग की मदद से संवाद की दूरी को कम किया जाएगा।
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दरअसल दिल्ली का स्वास्थ्य विभाग सभी अस्पतालों को वैश्विक मानक पर खरा उतारना चाहता है। इसी कड़ी में प्रबंधन तकनीक को बेहतर बनाने के लिए अपग्रेड किया जा रहा है। इस बारे में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज का कहना है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर दिल्ली के सभी अस्पतालों के अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था को विश्वस्तरीय बनाना है। साथ ही अस्पतालों में मरीजों के लिए बेहतर से बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
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मरीजों से कैंसे करें व्यवहार
तकनीकी जानकारी दे रहे विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों की अधिकतर समस्या संवाद के अभाव में बढ़ जाती है। यदि अस्पताल प्रमुख डॉक्टरों के सहयोग से मरीज तक उचित स्थिति व हालत को रख देता है। साथ ही उन्हें विश्वास दिलाता है कि मौजूदा संसाधन में बेहतर उपचार मिलेगा तो अधिकतर समस्याएं अपने आप की खत्म हो जाती है। ऐसे में ट्रेनिंग के दौरान एमडी-एमएस को डॉक्टरों के साथ बातचीत, मरीजों से व्यवहार, स्टाफ की व्यवस्था, अस्पताल के लिए खरीद, अस्पताल प्रबंधन के बारे में बताया जा रहा है। मौजूदा समय में देखा गया है कि कई बार प्रमुख संवाद नहीं करता, जिस कारण समस्याएं फाइलों तक नहीं पहुंच पाती और मरीज परेशान होते हैं। इसका असर उपचार पर पड़ता है। इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
सभी स्टाफ को मिलेगी ट्रेनिंग
अस्पतालों को सुधारने के लिए एमडी-एमएस के साथ आने वाले दिनों में सभी वर्ग को ट्रेनिंग दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अस्पताल के सभी डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, वार्ड वॉय को भी संवाद करने का गुर सिखाया जाएगा। साथ ही मरीजों की समस्या को मौके पर हल करने के बारे में बताया जाएगा।
इन विषयों पर चल रही है चर्चा
तकनीकी जानकारी दे रहे विशेषज्ञों का कहना है कि मरीजों की अधिकतर समस्या संवाद के अभाव में बढ़ जाती है। यदि अस्पताल प्रमुख डॉक्टरों के सहयोग से मरीज तक उचित स्थिति व हालत को रख देता है। साथ ही उन्हें विश्वास दिलाता है कि मौजूदा संसाधन में बेहतर उपचार मिलेगा तो अधिकतर समस्याएं अपने आप की खत्म हो जाती है। ऐसे में ट्रेनिंग के दौरान एमडी-एमएस को डॉक्टरों के साथ बातचीत, मरीजों से व्यवहार, स्टाफ की व्यवस्था, अस्पताल के लिए खरीद, अस्पताल प्रबंधन के बारे में बताया जा रहा है। मौजूदा समय में देखा गया है कि कई बार प्रमुख संवाद नहीं करता, जिस कारण समस्याएं फाइलों तक नहीं पहुंच पाती और मरीज परेशान होते हैं। इसका असर उपचार पर पड़ता है। इसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
सभी स्टाफ को मिलेगी ट्रेनिंग
अस्पतालों को सुधारने के लिए एमडी-एमएस के साथ आने वाले दिनों में सभी वर्ग को ट्रेनिंग दी जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अस्पताल के सभी डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ्य कर्मी, वार्ड वॉय को भी संवाद करने का गुर सिखाया जाएगा। साथ ही मरीजों की समस्या को मौके पर हल करने के बारे में बताया जाएगा।
इन विषयों पर चल रही है चर्चा
- अस्पताल में जरूरी खरीद को जल्द करना
- स्टोर व काउंटर के बीच उचित प्रबंधन
- लॉडरी, किचन, दवा केंद्र में उपलब्धता बनाए रखना
- डॉक्टरों की समस्या दूर करना
- स्टाफ की समस्या को दूर करना
- मरीज की मौत होने पर उचित तरीके से बताना