ताला लगने के बाद अब एक नई मुसीबत से जूझ रहे मीट व्यापारी
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इंटरनेट का ज्ञान न होने से साइबर कैफे संचालक ले रहे मोटी फीस
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जिला प्रशासन द्वारा मीट व्यापारियों को लाइसेंस देने के लिए ऑनलाइन सुविधा दी गई है, लेकिन व्यापारियों के लिए आवेदन करना मुश्किल भरा है। अधिकतर व्यापारियों को ऑनलाइन आवेदन करने के बारे में जानकारी ही नहीं है।
दरअसल, प्रदेश में अवैध बूचड़खाने बंद होने के बाद से मीटर व्यापारियों की दुकानें भी बंद करा दी गई हैं। कई व्यापारी बिना लाइसेंस के ही दुकान चला रहे थे। प्रदेश में मीट व्यापारियों को लाइसेंस देने की व्यवस्था शुरू कर दी गई है और व्यापारियों को ऑनलाइन ही आवेदन करने हैं।
अधिकतर व्यापारियों को इंटरनेट का ज्ञान नहीं है। ऐसे में उन्हें आवेदन करने के लिए साइबर कैफे पर अधिक पैसे देने पड़ रहे हैं। मीटर व्यापारी सेक्टर-9 निवासी करीम खां बताते हैं कि उन्हें ऑनलाइन तो दूर, आवेदन करने की भी जानकारी नहीं थी।
बच्चों के सहयोग से साइबर कैफे गए
बच्चों के सहयोग से साइबर कैफे गए जहां फार्म भरने के लिए दुकानदार ने 700 रुपये ले लिए। विभाग को सीधे ही फार्म लेकर लाइसेंस देना चाहिए। इस संबंध में अभिहीत अधिकारी महेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।
ऑनलाइन आवेदन के लिए कुछ व्यापारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा व्यापारी साइबर कैफे पर जाकर आवेदन कर सकते हैं और उसकी हार्ड कॉपी तय समय तक उनके आफिस में पहुंचानी होगी। उसके बाद ही लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू होगी।