फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   MCD's electric broom fights pollution

Delhi NCR News: प्रदूषण से जंग में एमसीडी की इलेक्ट्रिक झाड़ू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2026 08:57 PM IST
विज्ञापन
सड़कों-गलियों में उतरेंगी 1000 मशीनें, 250 वार्डों में चार-चार बैटरी चालित लिटर पिकर की तैनाती की तैयारी
विज्ञापन

नई दिल्ली। दिल्ली में वायु प्रदूषण पर काबू पाने के लिए एमसीडी अब बैटरी चालित ‘इलेक्ट्रिक झाड़ू’ के जरिये सड़कों और गलियों की सफाई व्यवस्था मजबूत करेगी। निगम सभी 250 वार्डों में 1000 बैटरी चालित कचरा उठाने वाली मशीनें तैनात करेगा। प्रत्येक वार्ड में चार मशीनें लगाने की योजना है। इनका इस्तेमाल सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से कचरा और बिखरा हुआ लिटर उठाने के लिए किया जाएगा।

प्रदूषण के मौसम से पहले शुरू की जा रही इस व्यवस्था को एमसीडी अहम कदम मान रही है। सड़क किनारे जमा कचरे और बिखरे लिटर से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ धूल की समस्या भी बढ़ती है। मशीनों की तैनाती के लिए एमसीडी ने काम को तीन हिस्सों में बांटकर संबंधित एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर दिए हैं।
विज्ञापन


पहले हिस्से में सिटीएसपी, केशवपुरम, रोहिणी, नरेला और मध्य जोन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 364 मशीनें लगेंगी। दूसरे हिस्से में पश्चिम, दक्षिण, नजफगढ़ और करोल बाग जोन हैं, जहां 332 मशीनें तैनात की जाएंगी। तीसरे हिस्से में शाहदरा दक्षिण, शाहदरा उत्तरी और सिविल लाइन जोन शामिल हैं। यहां 304 मशीनें लगाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


एमसीडी और संबंधित एजेंसियों के बीच हुई चर्चा के अनुसार करीब 40 प्रतिशत मशीनें अक्तूबर के अंत तक तैयार होने की उम्मीद है। इन्हें जल्द वार्ड स्तर पर उतारने के लिए निगम ने जोनल कार्यालयों को सात दिन में तैनाती योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसमें मशीनों के संचालन वाले क्षेत्र और उन्हें खड़ा करने के लिए उपयुक्त स्थान की जानकारी देनी होगी।
मशीनों को चलाने के लिए चार्जिंग व्यवस्था भी जरूरी होगी। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में उपयुक्त पार्किंग स्थल चिह्नित किए जाएंगे। चार्जिंग व्यवस्था विकसित करने और लगाने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों की होगी।

जोनल अधिकारियों को देनी होगी रिपोर्ट
जोनल अधिकारियों को रिपोर्ट में वार्ड नंबर, साफ किए जाने वाले क्षेत्र या बीट, शुरुआत और अंतिम बिंदु, निकटतम कचरा निस्तारण स्थल तथा उसके जीपीएस निर्देशांक देने होंगे। पार्किंग स्थल का जीपीएस निर्देशांक भी दर्ज करना होगा। इसके साथ यह जानकारी भी देनी होगी कि स्थान किस बाजार, इलाके या बीट में है। अधिकारियों को अपने सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल करने होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed