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Delhi: 10 फरवरी को हो सकती है सदन की बैठक, MCD ने एलजी को भेजा प्रस्ताव
Mon, 30 Jan 2023 08:16 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 30 Jan 2023 08:16 PM IST
सार
दिल्ली के महापौर चुनाव को लेकर 10 फरवरी को बैठक बुलाने का एमसीडी ने प्रस्ताव भेजा है। उधर, दिल्ली सरकार ने उससे पहले तीन-चार और छह फरवरी को चुनाव कराने की मांग की।
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दिल्ली नगर निगम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट की फटकार से बचने के लिए एमसीडी ने महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के छह सदस्यों का चुनाव कराने के लिए सदन की बैठक बुलाने की प्रक्रिया आरंभ की है। एमसीडी ने 10 फरवरी को सदन की बैठक बुलाने के लिए दिल्ली सरकार को फाइल भेजी है, जबकि दिल्ली सरकार ने फाइल में संशोधन करते हुए तीन, चार व छह फरवरी में से किसी एक दिन बैठक बुलाने का प्रस्ताव उपराज्यपाल के पास भेजा है। सदन की बैठक की तिथि उपराज्यपाल तय करेंगे। इस मामले में आम आदमी पार्टी की महापौर पद की उम्मीदवार शैली ऑबराय ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की हुई है।
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सदन की बैठक की तिथि उपराज्यपाल तय करेंगे। सर्वप्रथम उन्होंने एमसीडी के प्रस्ताव के तहत सदन की बैठक की तिथि छह जनवरी तय की थी। इस दिन पार्षदों को शपथ दिलाने की शुरुआत होते ही हंगामा हो गया था। इसके बाद उन्होंने दोबारा सदन की बैठक की तिथि दिल्ली सरकार के प्रस्ताव के तहत तय की थी। दिल्ली सरकार के प्रस्ताव के अनुसार उन्होंने सदन की बैठक की तिथि 24 जनवरी तय की थी। इस दिन पार्षदों को शपथ दिलाने के बाद सदन की बैठक में हंगामा हो गया। इस कारण महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति के छह सदस्यों का चुनाव नहीं हो गया।
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इस बीच आम आदमी पार्टी की महापौर पद की उम्मीदवार शैली ऑबराय ने सदन की बैठक में चुनाव नहीं कराए जाने का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने गत शुक्रवार उनकी याचिका पर तीन फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया। इस कारण एमसीडी ने सदन की बैठक बुलाने के लिए शुक्रवार को प्रक्रिया आरंभ नहीं की। इस दौरान एमसीडी ने तय किया था कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद ही वह बैठक बुलाने की पहल करेगी, लेकिन सोमवार को एमसीडी के वकीलों ने राय दी कि इस बारे में सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने का इंतजार करना सही नहीं है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अभी याचिका पर सुनवाई नहीं की है। इस कारण याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की ओर से एमसीडी को फटकार लगाई जा सकती है। लिहाजा एमसीडी को सदन की बैठक बुलाने की प्रक्रिया आरंभ कर देनी चाहिए।
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