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Delhi: एमसीडी ने 13,428 स्थान किए चिह्नित, जून तक पूरा हो जाएगा पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाने का काम
Tue, 14 May 2024 08:24 AM IST
अनुज कुमार
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 14 May 2024 08:24 AM IST
सार
दिल्ली नगर निगम ने 13 हजार से ज्यादा स्थानों को चिह्नित कर लिया है। जल्द ही पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट को भी हटाया जाएगा।
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एमसीडी मुख्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जून के आखिर तक दिल्ली में पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाने का काम पूरा हो जाएगा। इसके लिए एमसीडी ने 13428 स्थान चिन्हित किए हैं। इनमें से 12512 पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट को अभी तक हटाया गया है। 916 पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटना बाकी है। निगम ने इस काम के लिए 30 जून तक का समय तय किया है।
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कंकड़, पत्थर, सीमेंट से ढके होने के कारण दिल्ली में हजारों पेड़ों की जड़ों को सालों से न पानी मिल रहा और न ही हवा से जड़ों का संपर्क हो पा रहा, जबकि कानूनन पेड़ों की जड़ों की एक मीटर की परिधि में मिट्टी होनी चाहिए। ऐसा करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश भी है।
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दूसरी तरफ पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पेड़ों की जड़ों की दो मीटर परिधि में मिट्टी रखनी जरूरी है। मिट्टी के ऊपर घास हो तो और बेहतर है। क्योंकि घास के कारण मिट्टी के नीचे नमी बनी रहती है, इससे पेड़ों की जड़ों को साल भर इनकी जरूरत के मुताबिक हवा-पानी मिलता रहता है। लेकिन कंक्रीट से जड़ें ढकी होने के कारण पुराने पेड़ों के तने लगातार कमजोर होते जा रहे हैं। कंकरीट से इनका तना कट रहा है और सूख कर खोखला हो रहा है, जिसके कारण आंधी तूफान में ये पेड़ तेजी से गिर रहे हैं।
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81 पेड़ गिर गए थे आंधी-तूफान में
दिल्ली में बीती 10 मई को आई आंधी-तूफान में एमसीडी के अधिकार क्षेत्र में ही 81 पुराने पेड़ गिर गए हैं। इसी तरह डीडीए, एनडीएमसी व दिल्ली की अन्य सिविक एजेंसियों के अधिकार क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में पेड़ गिरे हैं। बीते साल भी आंधी तूफान में ऐसे ही दिल्ली में सैकड़ो पेड़ गिर गए।
शुक्रवार को आई आंधी में केशवपुरम जोन में सबसे ज्यादा 15 पेड़ गिरे। यहां 148 पेड़ों की शाखाएं भी टूट कर गिरीं। नरेला, दक्षिणी और शाहदरा दक्षिणी जोन में 11-11 के अनुपात में कुल मिलाकर 33 पेड़ गिरे। मध्य जोन में 10, नजफगढ़ जोन में नौ, शाहदरा उत्तरी और सिविल लाइंस जोन में पांच-पांच पेड़ गिरे हैं। करोल बाग में दो, रोहिणी और पश्चिमी जोन में एक-एक पेड़ जड़ से उखड़ गए।
उद्यान विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ये सभी दशकों पुराने पेड़ थे। निगम क्षेत्र में पेड़ों के रखरखाव की जिम्मेदारी उद्यान विभाग की है। लेकिन पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाने की काम इंजीनियरिंग विभाग के पास है, जबकि इंजीनियरिंग विभाग बेहद धीमी गति से इन पेड़ों की जड़ों से कंक्रीट हटाने का काम कर रहा। दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद करीब पांच साल पहले एमसीडी ने डी-कंक्रीटीकरण करने के लिए पेड़ों का सर्वे करने का काम शुरू किया था, लेकिन अब तक ये काम पूरा नहीं हो पाया है।