बवाना अग्निकांड : 17 मौतों के लिए कौन है जिम्मेदार, इस रिपोर्ट में हुआ खुलासा..
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अग्निकांड को लेकर आप व भाजपा के बीच चल रही सियासी बयानबाजी के बीच दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (डीएसआईआईडीसी) ने प्राथमिक रिपोर्ट उद्योग मंत्री को सौंपी है।
इसमें उसने हादसे के लिए नगर निगम प्रशासन का जिम्मेदार ठहराया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इमारत के निर्माण से लेकर फैक्टरी का लाइसेंस जारी करने तक का अधिकार एमसीडी के पास है। कॉरपोरेशन सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं का विकास करता है।
रविवार शाम उद्योग मंत्री सत्येंद्र जैन को सौंपी रिपोर्ट में कॉरपोरेशन ने कहा कि फैक्ट्री के लिये करीब 100 वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया गया था। उस वक्त बताया गया था कि इसमें प्लास्टिक के सामान तैयार होंगे।
आगजनी की शुरुआती जांच में पता चला है कि यहां विस्फोटक या पटाखे बनाए जा रहे थे। हालांकि, धमाके की असल वजह जानने के लिए फाइनल रिपोर्ट का इंतजार करने को कहा गया है।
बगैर इनकी अनुमति के कहीं भी फैक्टरी नहीं चलाई जा सकती
रिपोर्ट कहती है कि किसी इमारत के निर्माण व फैक्टरी/ट्रेड का लाइसेंस दिल्ली नगर निगम एक्ट 1957 के तहत निगम प्रशासन ही देता है। बगैर एमसीडी कमिश्नर की अनुमति के कहीं भी फैक्टरी नहीं चलाई जा सकती।
एक्ट कहता है कि लेआउट प्लान के तहत इमारत के निर्माण व उसे खाली कराने की नियामक संस्था एमसडी है। कोई बिल्डिंग सुरक्षित नहीं है तो उसे खाली करने का आदेश निगम कमिश्नर ही जारी करता है।
फैक्टरी का लाइसेंस एक्ट के तहत जारी होता है। इस मामले में डीएसआईआईडीसी के पास कोई नियामक अधिकार नहीं है। वह न तो बिल्डिंग का लाइसेंस जारी करता है और न ही उसके पास फैक्ट्री चलाने का लाइसेंस देने का अधिकार है। कॉरपोरेशन पर औद्योगिक क्षेत्र के सिर्फ विकास की जिम्मेदारी है।