हड़ताल: दिल्ली को कूड़ा-कूड़ा करने की चेतावनी
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तीनों नगर निगम के करीब एक लाख कर्मचारी वेतन नहीं मिलने के विरोध में शुक्रवार तक हड़ताल पर चले गए हैं। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि वेतन नहीं मिलने की स्थिति में वह दिल्ली को कूड़ा-कूड़ा कर देंगे। हड़ताल का असर सफाई व्यवस्था पर दिखने लगा है। ढलाव से ही नहीं, बल्कि सड़कों व गलियों से भी कूड़ा नहीं उठा। कई स्थानों पर तो ढलावों का कूड़ा सामने सड़कों तक फैला हुआ था। इस बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शहरी विकास मंत्रालय, दिल्ली सरकार, तीनों नगर निगम व दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से जवाब मांगा है।
बुधवार को तीनों नगर निगम के समस्त कर्मचारी तीन गुटों में बंटे नजर आए। जंतर मंतर पर दो गुटों ने अलग-अलग धरना प्रदर्शन किया। वहीं मुख्यमंत्री निवास पर एक अन्य गुट ने प्रदर्शन किया। इन्होंने उत्तरी और पूर्वी निगम के कर्मचारियों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिलने के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। इस मामले में उनका साथ देने के लिए दक्षिण निगम के कर्मचारी भी जंतर मंतर पर पहुंचे, जिन्हें नियमित वेतन मिल रहा है।
तीनों निगम के कर्मचारियों ने भाजपा व आम आदमी पार्टी के खिलाफ खूब नारेबाजी की। उधर, स्वतंत्र मजदूर विकास संयुक्त मोर्चा ने वेतन नहीं मिलने और अन्य मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री निवास पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। उन्होंने अपनी मांगों और समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय को ज्ञापन सौंपा।
जंतर पर प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र और आप सरकारें एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगी हुई हैं। इस राजनीतिक लड़ाई का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। स्कूलों की फीस नहीं दिए जाने के कारण बच्चों के घर बैठने की नौबत आ गई है। इसके अलावा घर में राशन का भी संकट पैदा हो गया है।