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MCD Election Results: सिख प्रभाव वाले वार्डों में भाजपा की हार के मायने, कृषि कानून विरोधी आंदोलन भी रहा कारण

Fri, 09 Dec 2022 07:58 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 09 Dec 2022 07:58 AM IST
सार

निगम चुनाव में राजौरी गार्डन, मादीपुर, तिलकनगर, हरीनगर, जनकपुरी में भाजपा को हार मिली है। दूसरी तरफ आप ने बेहतर किया है, जबकि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए जोर लगाया था। वहीं, कुछ संगठनों ने बंदी सिखों की रिहाई नहीं होने की स्थिति में पहले ही नोटा पर वोट डालने की अपील संगत से की थी।

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MCD Election Results meaning of BJP's defeat in wards with Sikh influence
एमसीडी इलेक्शन 2022 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिख प्रभाव वाले वार्ड में भाजपा की हार के कई मायने मतलब निकाले जा रहे हैं। इसमें सिखों को रिहा न करना, कृषि कानून विरोधी आंदोलन के दौरान खालिस्तानी प्रचारित करवाना, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में भाजपा नेताओं की दखलंदाजी, गुरुद्वारा परिसर में पुलिस बल को घुसाना समेत कई वजह मानी जा रही हैं।

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निगम चुनाव में राजौरी गार्डन, मादीपुर, तिलकनगर, हरीनगर, जनकपुरी में भाजपा को हार मिली है। दूसरी तरफ आप ने बेहतर किया है, जबकि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भाजपा के पक्ष में वोट डालने के लिए जोर लगाया था। वहीं, कुछ संगठनों ने बंदी सिखों की रिहाई नहीं होने की स्थिति में पहले ही नोटा पर वोट डालने की अपील संगत से की थी। तर्क यह भी दिया जा रहा है कि पिछले निगम चुनाव में भाजपा का शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन था। आठ अकाली उम्मीदवारों को टिकट भी भाजपा ने दिए थे, जिसमें से 5 वार्ड पार्षद बने भी थे, लेकिन अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने से इस बार भाजपा अकेले ही चुनावी मैदान में थी।
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जागो पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने अपने तौर पर भाजपा की हार का विश्लेषण किया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भाजपा ने सिख वोटों के लिए गलत नेताओं का इस्तेमाल किया है। जीके ने कहा कि जिस तरह से पुलिस बल को गुरुद्वारे में घुसा दिया गया था उससे सिखों में भारी नाराजगी थी। सिख कभी भी अपने धर्मस्थलों में सरकारी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करते हैं। इसी तरह हरियाणा कमेटी के अस्तित्व को बचाने के लिए भाजपा द्वारा किए गए प्रयास भी दिल्ली के सिखों को पसंद नहीं आए।

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सिरसा को स्टार प्रचारक बनाकर की गलती

मनजिंदर सिंह सिरसा को पार्टी का स्टार प्रचारक बनाकर बड़ी गलती की, जहां सिरसा प्रचार करने नहीं गए उस वार्ड से राजा इकबाल सिंह और अर्जुन पाल सिंह मारवाह की जीत हुई। इन्हें अपने रसूख से सिखों के वोट मिले, लेकिन सिख प्रभाव वाले राजेंद्र नगर, पटेल नगर, मोती नगर, मादीपुर, राजौरी गार्डन, हरि नगर, तिलक नगर, जनकपुरी और विकासपुरी के वार्डों में भाजपा को करारी शिकस्त मिली। फतेह नगर और जनकपुरी साउथ वार्ड भाजपा ने सिरसा-कालका की टीम को दी थी, उन्हें भी सिख वोट नहीं मिला।

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