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MCD Election 2022: जीत-हार के गणित में जुटे सियासी दल, राजनीतिज्ञों का मानना एकतरफा नहीं पड़े वोट
Wed, 07 Dec 2022 09:05 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Wed, 07 Dec 2022 09:05 AM IST
सार
जानकारों का कहना है कि इस बार प्रत्याशियों के छवि के आधार पर वोट पड़े हैं। परिसीमन के साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सभी पार्टियों ने प्रत्याशी बनाया है।
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mcd election 2022
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
एमसीडी चुनाव संपन्न होने के साथ ही कयासबाजी शुरू हो गई है। सभी दल जीत के दावे कर रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों से मिले फीडबैक के आधार पर जीत-हार के गणित में जुट गए हैं। उधर, ढाई सौ वार्ड में वोटिंग ट्रेंड देखने के बाद राजनीति के जानकारों का कहना है कि किसी भी दल को एकतरफा वोट नहीं पड़ा है।
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उनका कहना है कि आप की हवा चली तो सत्ता परिवर्तन होगा, नहीं तो भाजपा का पलड़ा भारी रह सकता है। इस चुनाव में यह भी देखा गया है कि कांग्रेस ने परंपरागत वोट बैंक में पैठ बढ़ाई है। इसका नुकसान आप को हो सकता है। परिसीमन के बाद वोटिंग के ट्रेंड को देखा जाए तो भाजपा के पक्ष में मतदान बेहतर होना लाजिमी है। वोट प्रतिशत भले ही आम आदमी पार्टी का ज्यादा हो सकता है लेकिन जहां तक एमसीडी में शासन की बात है तो यह भाजपा के पक्ष में संभव है।
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उनका यह भी आंकलन है कि कांग्रेस फिर से जीवित हुई है। झुग्गी झोपड़ी और एससी/एसटी का वोट कांग्रेस की तरफ गया है। हालांकि, अल्पसंख्यकों के वोट में सेंध लगाने में कांग्रेस पूरी तरह सफल नहीं रही है। ऐसे में कांग्रेस के प्रत्याशियों का अपने-अपने वार्ड में बेहतर प्रदर्शन से भाजपा उम्मीदवारों को जरूर बल मिलेगा। लेकिन अगर एकतरफा चुनाव हुआ है तो फिर आम आदमी पार्टी की स्थिति बेहतर हो सकती है।
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जानकारों का कहना है कि इस बार प्रत्याशियों के छवि के आधार पर वोट पड़े हैं। परिसीमन के साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सभी पार्टियों ने प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में उनका अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभाव भी जीत-हार के अंतर को काफी करीब रखेगा।