मास्टर प्लान: बदलने वाली है आपके फरीदाबाद की तस्वीर
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फरीदाबाद के विस्तार को नगर योजनाकार विभाग ने हरी झंडी दे दी है। सरकार के निर्देश पर फरीदाबाद का मास्टर प्लान-2031 प्रकाशित कर दिया गया है। अब लोगों से एक माह तक इस प्लान से संबंधित आपत्तियां ली जाएंगी।
इसको दूर करने के बाद 20 अगस्त तक मास्टर प्लान का फाइनल ड्रॉफ्ट प्रकाशित करने के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा जाएगा। हर पांच वर्ष में 59.41 फीसदी की बढ़ोतरी से 2031 में जिले की आबादी 38,86,409 लाख हो जाएगी। इसको ध्यान में रखते हुए 34,368 हेक्टेयर का प्लान बनाया गया है।
इस जमीन को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। सबसे अधिक जमीन रिहायशी जोन के लिए आरक्षित रखी गई है। ज्यादा विस्तार ग्रेटर फरीदाबाद में होगा। 55 गांवों की जमीन पर भविष्य में इसी प्लान के आधार पर ही विकास होगा। इस जमीन पर 72 नए सेक्टर बनाए जाएंगे। जिले में इस समय 91 सेक्टर हैं। लेकिन इस प्लान के बाद सेक्टरों की संख्या 153 हो जाएगी। रेजिडेंशियल, कॅमर्शियल, इंडस्ट्रियल सेक्टर के साथ ट्रांसपोर्ट नगर भी बसेगा।
रिहायशी जोन और कॅमर्शियल जोन
14,328 हेक्टेयर जमीन को रिहायशी जोन बनाया गया है। एक हेक्टेयर जमीन पर 300 लोगों के रहने के हिसाब से प्लान तैयार किया गया है। सेक्टर 199ए, 143 और 146 को इंडस्ट्रियल सेक्टर बनाया जाएगा। इसके अंदर भी रेजिडेंशियल क्षेत्र भी होगा। इसमें प्रति हेक्टेयर 600 व्यक्तियों के रहने का प्लान है।
इसके अलावा अलग-अलग सेक्टरों में 25 पॉकेट ऐसे रखे गए हैं, जहां पर 1125 व्यक्ति प्रति हेक्टेयर के हिसाब से रहेंगे। यानी यहां पर ग्रुप हाउसिंग होगी। इन सेक्टरों में मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए छोटे प्लॉट विकसित किए जाएंगे।
शॉपिंग मॉल, होटल और अन्य कॅमर्शियल जोन विकसित करने के लिए मास्टर प्लान में 2069 हेक्टेयर जमीन रखी है। इसमें सेक्टर 100 ए, 120 और सेक्टर 154 को सिटी सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना है। सेक्टर 100 और 117 ए को हुडा की ओर से विकसित किया जाएगा।
इंडस्ट्रियल जोन, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन
आईएमटी को मास्टर प्लान के इंडस्ट्रियल जोन में जगह दी गई है। प्लान के इंडस्ट्रियल एरिया में गैस आधारित थर्मल प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है।
इसके अलावा यहां पर जरूरत के हिसाब से रिहायशी एरिया और रैन बसेरे भी विकसित करने का प्लान शामिल है। इसके अलावा ठोस कचरा प्रबंधन यूनिट बनाने का प्रस्ताव भी इसमें शामिल है।
यहां पहले से ही सेक्टर-61 में ट्रांसपोर्ट नगर बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा मास्टर प्लान में भी जरूरत के हिसाब से ट्रांसपोर्ट नगर विकसित करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। दूसरे राज्यों व जिलों से कनेक्ट होने के बेहतर विकल्प प्लान में शामिल किए गए हैं। प्लान में मेवला महाराजपुर और सराय ख्वाजा में रेलवे ओवर ब्रिज बनाने का खाका खींचा गया है।
नोएडा व ग्रेटर नोएडा से कनेक्टिविटी
मास्टर प्लान 2031 में ग्रेटर नोएडा व नोएडा से कनेक्टिविटी के लिए यमुना नदी पर दो पुल बनाने का प्रस्ताव है। इन पुलों को शहर से जोड़ने के लिए 90 मीटर चौड़ी सड़कें बनाई जाएंगी। जो सेक्टर-92 और 95 की आउटर रोड पर आकर कनेक्ट होंगी। इसके अलावा प्लान में कुंडली, गाजियाबाद, पलवल रोड से कनेक्टिविटी का विकल्प भी रखा गया है। इस ईस्टर्न पेरीफेरल रोड से एक 75 मीटर चौड़ा रोड मास्टर प्लान के तहत विकसित होने वाले सेक्टर-121 और 132 की आउटर रोड पर आकर कनेक्ट होगा।
मल्टीलेवल पार्किंग प्रत्येक 100 एकड़ पर
भविष्य में विकसित होने वाले सेक्टरों में पार्किंग की समस्या न हो, इसके लिए हर 100 एकड़ जमीन पर मल्टीलेवल पार्किग विकसित करने का प्रस्ताव मास्टर प्लान में रखा गया है। यह दो एकड़ जमीन पर विकसित होगी।
वाटर रीचार्ज जोन भी होगा
मास्टर प्लान में ग्रीनरी बढ़ाने की तरफ भी पूरा ध्यान रखा गया है। यही कारण है कि 5313 हेक्टेयर जमीन ओपन स्पेस के लिए रखी गई है। इसमें स्टेडियम, पार्क, ग्रीन बेल्ट सहित अन्य पर्यावरण हितैषी चीजें विकसित की जाएंगी। तिलपत शूटिंग रेंज के चारों तरफ के एरिया को ओपन स्पेस में रखा गया है। इसके अलावा सेक्टरों में अलग-अलग जगह ओपन स्पेस रखे गए हैं। सेक्टर-105ए, 125ए, 128ए, 147 और तिलपत शूटिंग रेंज के पास वाटर रिचार्ज जोन बनेंगे।
वरिष्ठ नगर योजनाकार भुवनेश कुमार सैनी ने बताया कि मास्टर प्लान-2031 को प्रकाशित कर दिया गया है। एक माह तक लोग से आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद फाइनल ड्रॉफ्टिंग के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के महानिदेशक के पास रिपोर्ट जाएगी।
कितनी जमीन पर क्या होगा
रिहायशी 14328, कॅमर्शियल 2069, इंडस्ट्रियल 6179, ट्रांसपोर्ट एंड कम्युनिकेशन 4020, पब्लिक यूटीलिटी 638, पब्लिक एंड सेमी पब्लिक यूज 1299, ओपन स्पेस, पार्क, स्टेडियम, ग्रीन बेल्ट 5313, स्पेशल जोन 448, मिक्सड यूज लैंड 73। (सभी आंकड़े हेक्टेयर में)