मारुति संवारेगी सरकारी स्कूलों के छात्रों का भविष्य
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बुनियादी जरूरतों से जूझ रहे सरकारी स्कूलों के छात्रों का भविष्य अब मारुति संवारेगा। वहां हाईटेक शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन और मारुति के बीच बुधवार को करार किया गया है।
जिला प्रशासन की तरफ से उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश तथा मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड की तरफ से कंपनी के उपाध्यक्ष केडी सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत कंपनी 5 वर्षों में गुड़गांव और मानेसर क्षेत्र के 50 सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने में सहयोग देगी।
प्रोजेक्ट के तहत मारुति सुजुकी योग्य शिक्षकों की पहचान और प्रशिक्षण का काम करेगी। उन्हें शिक्षण की नई पद्धतियां और तकनीकियां देगी। इन स्कूलों के बच्चों की प्रगति की माप के लिए नियमित अंतराल पर कक्षा में परीक्षा भी आयोजित की जाएगी।
पहले चरण में 21 स्कूलों और दूसरे चरण में 19 स्कूलों में काम करेगी। शुरुआती तौर पर पहले साल 7 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बुनियादी व्यवस्थाओं को अपग्रेड करने के बाद बच्चों की पढ़ाई को प्रभावित करने वाली विभिन्न समस्याओं को दूर किया जाएगा। इस कार्य मे कंपनी द्वारा आईएलएफएस का सहयोग लिया जा रहा है।
उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने कहा कि मारुति द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पोंसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत जिन स्कूलों का चयन किया गया है, उनमें वह स्वयं भी समय-समय पर निरीक्षण के लिए जाएंगे।
मारुति के उपाध्यक्ष कंवलदीप सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की रूपरेखा चुने गए सरकारी स्कूलों के अध्ययन और पिछले सात सालों में इन स्कूलों में काम करने की समझ के आधार पर बनाई गई है। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव, सर्वशिक्षा अभियान के परियोजना संयोजक मुकेश यादव, आईएलएफएस की पुनिता उपस्थित थे।