नहीं मिला LLB में एडमिशन, टूट गई शादी
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गाजियाबाद के मुरादनगर हाईवे 58 पर मोरटा स्थित रिलायबल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की प्रबंध समिति द्वारा एलएलबी में एडमिशन दिलाने के नाम पर पंद्रह हजार रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। सीओ सदर के आदेश पर इंस्टीट्यूट के चेयरमैन समेत प्रबंध समिति के छह लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वहीं, छात्रा के पिता का आरोप है कि एलएलबी में एडमिशन नहीं मिलने की जानकारी होने पर लड़के वालों ने भी बेटी का रिश्ता तोड़ दिया। गाजियाबाद बाबा नगर निवासी रीतू राजपूत पुत्री ज्ञानचंद ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2014 में रिलायबल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में एलएलबी प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया था।
संस्थान ने 15 हजार रुपये एडमिशन फीस के नाम पर उनसे लिए थे। बाद में लाइब्रेरी कार्ड और आईडी कार्ड भी जारी किया था। दिसंबर में रीतू ने परीक्षा के दौरान अपना एडमिट कार्ड मांगा तो संस्थान ने तकनीकी खराबी बताकर उसे टरका दिया।
लड़के वालों ने भी मुंह मोड़ा
छात्रा के कई बार चक्कर काटने के बाद मैनेजमेंट ने कहा कि उसका रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है, इसी कारण उसका एडमिट कार्ड नहीं आया है। पीड़िता ने इसकी पुलिस से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर जिलाधिकारी, एसएसपी और सीओ सदर से गुहार लगाई। सीओ सदर ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
एसओ सुबोध सक्सेना ने बताया कि रिलायबल इंस्टीट्यूट के चेयरमैन एसपी गोयल, अध्यक्ष अनुज गोयल, निदेशक पूनम गोयल, एचओडी अबुलेश, एडिशनल निदेशक बीएस यादव और जितेंद्र गोयल के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। संस्थान के निदेशक पूनम गोयल का कहना है कि छात्रा के आरोप निराधार हैं। तीन माह से फीस वापसी का चेक बना रखा है। छात्रा चेक लेने ही नहीं आयी।
छात्रा के पिता ज्ञानचंद का कहना है कि तीन माह पूर्व दिल्ली के एक युवक से बेटी का रिश्ता तय हुआ था। मगर जब ससुराल वालों को पता चला कि बेटी का एडमिशन एलएलबी में नहीं हुआ है तो उन्होंने रिश्ता ही तोड़ दिया।