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किसान बनकर चुराते थे टैक्स
अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 08 Jan 2014 01:05 PM IST
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कर चोरी करने के लिए किसान बनकर अनाज बेचने का मामला फिर सामने आया है। वाणिज्य कर विभाग की ओर से चलाए गए अभियान में ऐसे आठ वाहनों को पकड़ा गया और व्यापारियों पर लाखों रुपए का जुर्माना लगाया है।
वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर केशव लाल ने बताया कि बीते माह आठ ट्रकों पर 32.14 लाख रुपये का माल लदा हुआ था और कागजात नहीं थे। अभियान में गौतमबुद्ध नगर व आसपास के व्यापारी पकड़े गए।
धान के सीजन में व्यापारी कर बचाने के लिए खुद को किसान बताकर दिल्ली और सीमावर्ती राज्यों में अनाज बेचते हैं। दरअसल, किसानों को माल ले जाने पर कर से राहत मिलती है।
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इस तरह का माल अवैध तरीके से मंडी में पहुंचता है और अनाज की बिक्री की जाती है। अमर उजाला इस संबंध में कई खबरें प्रकाशित कर चुका है। बीते साल ऐसे ही मामले में करीब पचास लाख रुपये का माल पकड़ा गया था।
लाखों का करते थे वारा-न्यारा
व्यापारी किसानों से औने-पौने दामों में अनाज खरीद लेते हैं और फिर खुद किसान बनकर अच्छी कीमत में मंडी में माल बेच देते हैं। इससे उन्हें लाखों रुपए का फायदा होता है। साथ ही किसान बनकर माल ले जाने पर कर में चार फीसदी की राहत भी मिलती है।
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वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर केशव लाल ने बताया कि बीते माह आठ ट्रकों पर 32.14 लाख रुपये का माल लदा हुआ था और कागजात नहीं थे। अभियान में गौतमबुद्ध नगर व आसपास के व्यापारी पकड़े गए।
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धान के सीजन में व्यापारी कर बचाने के लिए खुद को किसान बताकर दिल्ली और सीमावर्ती राज्यों में अनाज बेचते हैं। दरअसल, किसानों को माल ले जाने पर कर से राहत मिलती है।
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इस तरह का माल अवैध तरीके से मंडी में पहुंचता है और अनाज की बिक्री की जाती है। अमर उजाला इस संबंध में कई खबरें प्रकाशित कर चुका है। बीते साल ऐसे ही मामले में करीब पचास लाख रुपये का माल पकड़ा गया था।
लाखों का करते थे वारा-न्यारा
व्यापारी किसानों से औने-पौने दामों में अनाज खरीद लेते हैं और फिर खुद किसान बनकर अच्छी कीमत में मंडी में माल बेच देते हैं। इससे उन्हें लाखों रुपए का फायदा होता है। साथ ही किसान बनकर माल ले जाने पर कर में चार फीसदी की राहत भी मिलती है।