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100 के नोट की किल्लत से आधे एटीएम ठप

Wed, 30 Nov 2016 12:58 AM IST
सुशील पांडेय /अमर उजाला, नोएडा
सुशील पांडेय /अमर उजाला, नोएडा Updated Wed, 30 Nov 2016 12:58 AM IST
सार

रि-कैलिब्रेशन वाले करीब 50 फीसदी एटीएम में नए नोट से चल रहा काम
एटीएम में डालने के लिए आसानी से नहीं मिल पा रहे 100 के नोट
 

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Many ATM are useless in absence of 100 rupees
बंद पड़ा एटीएम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

100 के नोट की किल्लत ने करीब आधे एटीएम ठप करा दिए हैं। हालात यह है कि सर्विस प्रोवाइडर को भी 100 का नोट नहीं मिल पा रहा है कि वह एटीएम में डाल पाए। बताया जा रहा है कि बाजार में चल रहे 100 के नोट बैंकों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।

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यही वजह है कि वह पैसा सर्विस प्रोवाइडर से होता हुआ एटीएम तक नहीं पहुंच पा रहा है। दरअसल, 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद देशभर के एटीएम का रि-कैलिब्रेशन का फैसला लिया गया, ताकि एटीएम के ट्रे में 500 और 2000 के नए नोट डाले जा सके।
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अब जबकि देशभर के करीब 2.2 लाख एटीएम में से करीब आधे का रि-कैलिब्रेशन हो चुका है। वहीं आधे एटीएम का होना बाकी है। अब जिन एटीएम का रि-कैलिब्रेशन नहीं हुआ है। उसमेें शुरुआती दौर में 100 का नोट मुहैया कराया जा रहा था और काम चलाया गया।
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लेकिन 100 के नोट की कमी से ऐसे एटीएम की सुविधा अचानक बंद हो गई। चूंकि इसमें 500 और 2000 के नोट पहले से ही डाले नहीं जा सकते थे। बाजार में 100 के नोट की कमी का असर बैंकों से होते हुए सर्विस प्रोवाइडर तक पड़ा है। हालात यह है कि सर्विस प्रोवाइडर को भी बैंकों से 100 का नोट नहीं मिल रहा है। उनको अधिकांश 500 और 2000 का नोट ही मिल रहा है, जिसे वे एटीएम में डाल रहे हैं।

40 प्रतिशत ही दे पा रहे सर्विस

Many ATM are useless in absence of 100 rupees
नाेटबंदी - फोटो : AmarUjala

40 प्रतिशत ही दे पा रहे सर्विस
सीएमएस इंफोसिस्टम की प्रवक्ता संध्या मेनन ने बताया कि उनकी कंपनी देशभर के 55000 एटीएम में सर्विस देती है। लेकिन फिलहाल कुल एटीएम का 40 प्रतिशत ही सर्विस दे रही है। उन्होंने इसकी वजह सारे एटीएम का रि-कैलिब्रेशन नहीं होना बताया। इसके अलावा 100 के नोट की किल्लत की बात भी कही।

एकाएक घट गया सर्विस प्रोवाइडर का काम
नोटबंदी के बाद सरकार ने देशभर के एटीएम को जल्द से जल्द सुविधा मुहैया कराने के लिए जोरशोर से तैयारी करनी शुरू कर दी। शुरुआती दौर में कई एटीएम चल रहे थे। इसके बाद कुछ एटीएम बढ़े भी थे। लेकिन एकाएक फिर से चालू एटीएम की संख्या घट गई। यानी एटीएम में पैसा डालने वाली सर्विस प्रोवाइडर की एक गाड़ी को अब रोजाना के करीब 15-20 एटीएम के बदले केवल 08-10 एटीएम में ही पैसा डालने को मिल रहा है।

मार्केट से भी नहीं आ पा रहा है कलेक्शन
नोटबंदी की मार बाजारों पर पड़ी है। बाजार में नोट नहीं आ पा रहे हैं। ऐसे में सर्विस प्रोवाइडर उन नोटों का कलेक्शन कर बैंकों को नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में बैंक भी छोटे नोट एटीएम में डालने को नहीं दे रहे हैं और यह पूरा सिस्टम बिगड़ गया है।

दो से चार सप्ताह में समस्या होगी दूर
देशभर के 92 फीसदी जिलों में हमारी कंपनी सेवा मूुहैया करा रही है। हमारी कोशिश है कि दो से चार सप्ताह में बचे हुए एटीएम की तकनीकी खामी दूर कर ली जाए, ताकि वहां भी नए नोटों की सुविधा दिलाई जा सके।
राजीव कौल, सीईओ और वाइस चेयरमैन, सीएमएस इंफो सिस्टम

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