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मनुस्मृति संस्कृति का अभिन्न अंग, अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगेः पीयूष पंडित
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
Updated Thu, 21 Dec 2017 09:03 PM IST
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समाज के कुछ अराजक तत्वों द्वारा ‘’मनुस्मृति’’ के अपमान किये जाने पर सवर्ण समाज में भारी रोष व्याप्त हो गया है। इसके विरोध में लोग जगह-जगह प्रदर्शन और शिकायतें दर्ज करवा रहे हैं। स्वर्ण भारत परिवार ने भी इसके खिलाफ गृहमंत्रालय सहित पीएमओ को भी लिखित शिकायत भेजी है।
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ज्ञात हो कि एक संगठन ने मनुस्मृति को जलाने का ऐलान किया है। इसके बाद ही लोगों में इसके विरुद्ध विरोध उत्पन्न हो गया है।
स्वर्ण भारत परिवार के अध्यक्ष पीयूष पंडित ने कहा कि मनुस्मृति भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। यह वह धर्म शास्त्र है जिसकी मान्यता जगविख्यात है। न केवल भारत में अपितु विदेशों में भी इसके प्रमाणों के आधार पर निर्णय होते रहे हैं और आज भी होते हैं। धर्मशास्त्र के रूप में मनुस्मृति को विश्व की अमूल्य निधि माना जाता है। यह केवल पहले से प्रचलित सामाजिक प्रथा का दस्तावेज है।
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यह हिन्दुओं के लिए कभी कट्टरपंथ नही था तो लोगों को क्या परेशानी है जो हमारी आस्था का इस तरह मजाक उड़ाया जा रहा है। इस तरह के कार्यक्रम पूरी तरह समाज में हिंसा, अराजकता और उत्पात फैलाने का काम करते हैं। ऐसे कार्यक्रम को प्रशासन के द्वारा अनुमति नही प्रदान किया जाना चाहिए। यदि ऐसे कार्यक्रम को बिना अनुमति के या अनुमति के साथ किया जा रहा है तो तत्काल प्रभाव से रुकवाया जाना चाहिए।
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