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केजरीवाल समय व स्थान बताएं, कृषि कानून के फायदे बता देगी भाजपा:मनोज तिवारी
Sun, 27 Dec 2020 09:25 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 27 Dec 2020 09:25 PM IST
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दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी
- फोटो : ANI
नए कृषि कानून को लेकर दिल्ली में भी राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खुली चुनौती दी थी कि वह इस मुद्दे पर चर्चा कर लें। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने एक ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपने घर पर इस कानून पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था। रविवार को मुख्यमंत्री का इंतजार करने के बावजूद जब मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे तो भाजपा ने उन्हें खुली चुनौती दी। कहा है कि वह सुविधानुसार समय व स्थान तय कर ले। भाजपा उनको वहां जाकर नए कृषि कानून के फायदे समझा देगी।
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भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के संदेहों को दूर करने के लिए अपने घर निमंत्रित किया था। इंतजार करते रहे लेकिन वह नहीं आए। इंतजार के बाद तिवारी ने कहा कि अगर वह नहीं आ सकते तो अपनी सुविधानुसार समय और स्थान बता दें। वहां जाकर कृषि कानून के फायदें समझा देंगे। लिखित में कृषि कानून के फायदे भी मुख्यमंत्री को समझ में नहीं आ रहे हैं।
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इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता भी मौजूद थे। आदेश गुप्ता ने कहा कि दूसरे राज्यों में जाकर मुख्यमंत्री कहते फिरते हैं कि कृषि कानून क्या, उसके क्या लाभ हैं और जब उनको यह समझाने के लिए बुलाया गया, तो वह आए नहीं। 23 नवंबर को केजरीवाल ने तीनों कृषि कानून में से एक कानून को नोटिफाई किया था और अब इन कानूनों का विरोध कर खुद को किसान हितैषी साबित करने की कोशिश कर रहे। विधानसभा में कानून की प्रतियां फाड़कर उन्होंने अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दिया है।
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सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल कह रहे हैं की कृषि कानून के क्या फायदे हैं यह भाजपा समझाएं, इसलिए हमने उन्हें आवास पर आमंत्रित किया। लेकिन वह नहीं आए। कुछ दिनों पूर्व ही निगम के तीनों मेयर और पार्षद मुख्यमंत्री के दरवाजे के बाहर कई दिन धरने पर रहे, लेकिन मुख्यमंत्री घर से बाहर निकल कर उनसे मिलने तक नहीं आए। लिखित में दिया गया है कि कोई भी अनुबंध फसलों के लिए होगा न कि जमीन के लिए, परिस्थिति चाहे जो भी हो किसानों की जमीन से कांट्रेक्टर का कोई लेना-देना नहीं होगा, फार्मिंग एग्रीमेंट में कृषि उपज का खरीद मूल्य दर्ज किया जाएगा, किसानों का भुगतान 3 दिन के अंदर करना होगा।