'केजरीवाल ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर राजनैतिक परंपराओं को किया कलंकित'
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प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री की भाषा की कड़ी निंदा करते हुए सरकार को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा जनता ने आप पार्टी को सेवा के लिए चुना है लेकिन वे मालिक बन कैसे सकते है।
प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुण् तिवारी ने कहा यसह घमंड की प्रकाष्ठा है कि केजरीवाल ने विधानसभा में कहा कि हम दिल्ली के मालिक है। लोकतंत्र में चुना हुआ प्रतिनिधि जनता का सेवक होता है। जब वे आए तब सेवक थे अब मालिक कैसे बन गए। संविधान में मालिक शब्द ही नहीं है।
जनता आने वाले समय में इसका जवाब देगी जैसे गोवा, पंजाब व अन्य राज्यों में दिया है। उन्होंने कहा गैस्ट टीचरों को नियमित करना चाहिए, भाजपा सरकार के साथ है, मगर इसके लिए तय नियमों का पालन किया जाना जरूरी है।
'सरकार गेस्ट टीचरों की समस्याओं का समाधान ही नहीं करना चाहती'
जिस प्रकार से सरकार ने प्रक्रिया अपनाई है उससे यह भी स्पष्ट है कि सरकार गेस्ट टीचरों की समस्याओं का समाधान ही नहीं करना चाहती। तिवारी ने कहा हमने ही सरकार पर गैस्ट टीचरों को स्थाई करने के लिए दबाव बनाया है और सरकार इस बात पर गुस्से में है कि हमने उन्हें सही रास्ता दिखाया लेकिन वे गलत दिशा में चले गए।
उन्होंने कहा हम केजरीवाल से खुली बहस को तैयार है और वे बताए किस प्रकार गैस्ट टीचरों को स्थाई करना चाहते है। इस अवसर पर भाजपा नेता अरविन्द्र सिंह लवली ने कहा सरकार की नीयत में खोट है। जिस प्रकार जनलोकपाल बिल को नहीं लाया गया उसी प्रकार गस्ट टीचरों के मुद्दे को भी लटकाया जा रहा है।
इस अवसर पर तिवारी ने कहा भाजपा की 18 राज्यों की सरकार पैट्रोल डीजल पर टैक्स 5 प्रतिशत कम करने जा रही है, वहीं दिल्ली सरकार भी अपने टैक्स को कम करें ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस अवसर पर कांग्रेस नेता प्रतुष कंठ अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए। तिवारी ने उनको पार्टी की सदस्यता प्रदान की।