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बयान दर्ज कराने क्यों नहीं पहुंचे मनोज के परिजन

Wed, 27 May 2015 06:39 PM IST
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 27 May 2015 06:39 PM IST
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Manoj Encounter: Family kin didn't arrive to Vigilance Branch.

बागपत के मनोज वशिष्ठ के एनकाउंटर मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा उगाही के कथित आरोपों की जांच अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।

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दिल्ली पुलिस की विजिलेंस ब्रांच के सामने मनोज वशिष्ठ का परिवार बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा है। विजिलेंस के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बयान दर्ज कराने के लिए मनोज वशिष्ठ के परिवार को कई बार बुलाया जा चुका है।
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मगर कोई सदस्य बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा है। बयान दर्ज होने के बाद ही आरोपों की जांच शुरू हो पाएगी। गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा राजेंद्र नगर के सागर रत्ना रेस्टारेंट में किए गए एनकाउंटर में बागपत का मनोज वशिष्ठ 16 मई को मारा गया था।
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बयान दर्ज न कराने की वजह

Manoj Encounter: Family kin didn't arrive to Vigilance Branch.

इसके बाद मनोज के परिजनों ने आरोप लगाया था कि स्पेशल सेल के पुलिसकर्मी मनोज वशिष्ठ से उगाही में लगे थे। परिजनों के उगाही के आरोपो की जांच के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे।

विजिलेंस ब्रांच के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मनोज के परिजनों को करीब चार बार बुलाया जा चुका है। फोन कर भी बुलाया गया है और विजिलेंस ब्रांच के ऑफिस में आने के लिए पत्र भी लिखा गया है।

मगर कोई भी सदस्य मंगलवार शाम तक बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचा। बयानों के बाद ही जांच शुरू हो पाएगी। इस बात को लेकर जब मनोज के साले दिवांकर से जब अमर उजाला संवाददाता ने बात की तो उनका कहना था कि अभी मनोज की तेरहवीं नहीं हुई है।

तेरहवीं होने से पहले परिवार का कोई सदस्य घर से बाहर नहीं निकलता है। इसके बाद ही बयान दर्ज कराए जाएंगे। परिवार के सभी सदस्य बागपत स्थित मनोज के गांव में हैं। गौरतलब है कि मनोज एनकाउंटर मामले में विजिलेंस जांच के अलावा एसआईटी और एसडीएम भी जांच कर रहे हैं।

'केंद्र सीबीआई जांच से बच रहा है'

Manoj Encounter: Family kin didn't arrive to Vigilance Branch.

देशभक्त सेना ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज वशिष्ठ के एनकाउंटर के मामले में रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस मामले की सीबीआई जांच करने से बच रही है।

उन्हें पता है कि यदि सीबीआई जांच हो जाएगी तो पुलिसवालों की ही नहीं अधिकारियों की भी पोल खुल जाएगी। इससे सरकार की किरकिरी होगी। रालोद महासचिव जयंत चौधरी मंगलवार शाम पाबला पहुंचे।

उन्होंने कहा कि पुलिस सुरक्षा के लिए होती है, लेकिन मनोज वशिष्ठ के साथ पुलिस ने अवैध कार्रवाई की है। उनकी हत्या की गई है। ट्रांसफर करके पुलिसवालों को क्या सजा मिल गई ? यह पूरी तरह से अन्याय है। ऐसे तो खाकी से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। रालोद मनोज के परिवार के साथ है।

मनोज के परिवार, जनता और उनकी एक ही मांग है कि केस की सीबीआई जांच हो। इसके लिए वे मनोज के परिवार के साथ मिलकर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।

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