फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Manoj Encounter: After assurance returned kin.

मनोज एनकाउंटर : बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि, नम हुई हर आंख

Wed, 20 May 2015 09:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 20 May 2015 09:49 AM IST
विज्ञापन
Manoj Encounter: After assurance returned kin.

सपा नेता एवं देशभक्त सेना ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज वशिष्ठ के शव को परिजनों ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर के आश्वासन पर सुपुर्दगी में ले लिया।

विज्ञापन


घटना के 69 घंटे बाद पैतृक गांव पाबला बेगमाबाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मनोज की बड़ी बेटी प्रेरिका ने मुखाग्नि दी। इस दौरान सभी की आंखें नम थी।
विज्ञापन


मनोज के दोस्त सहारनपुर के बसपा के पूर्व मंडल को-आर्डिनेटर उदयवीर शर्मा ने बताया कि मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी से एक प्रतिनिधिमंडल मिला था।

विज्ञापन
विज्ञापन

केवल 11 साल की है प्रेरिका

Manoj Encounter: After assurance returned kin.

जिसमें वे स्वयं, मनोज की पत्नी प्रियंका वशिष्ठ, भाई अनिल वशिष्ठ समेत कई लोग शामिल थे। कमिश्नर ने उन्हें केस की जांच एसआईटी से कराने, आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा प्रियंका वशिष्ठ को पुलिस सुरक्षा देने का आश्वासन दिया।

इसके बाद ही उन्होंने दोपहर करीब एक बजे शव सुपुर्दगी में लिया। मंगलवार की शाम करीब पौने चार बजे मनोज का शव बागपत होते उनके पैतृक गांव पावला पहुंचा, लेकिन इससे पहले ही उनके आवास पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।

हर किसी में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर गुस्सा था। सवा पांच बजे गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। मनोज की 11 वर्षीय बड़ी बेटी प्रेरिका उर्फ चीनू ने मुखाग्नि दी।

अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए परिजन

Manoj Encounter: After assurance returned kin.

पोस्टमार्टम के करीब 20 घंटे बाद एनकाउंटर में मारे गए मनोज वशिष्ठ के परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए बागपत ले गए।  परिजन और समर्थक सोमवार पूरी रात लेडी सुचेता कृपलानी अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के सामने ही मांगों के समर्थन में डटे रहे।

उनकी मंगलवार सुबह पुलिस आयुक्त से मुलाकात हुई। इसके बाद परिजन शव लेने को तैयार हुए। अस्पताल में धरने में बैठे परिजनों व समर्थकों को मंगलवार सुबह से पुलिस अधिकारी समझाने में लग गए। ताकि, वे मनोज के शव को लेकर गांव के लिए रवाना हो जाएं।

संयुक्त आयुक्त मुकेश मीणा परिवार वालों को लेकर पुलिस मुख्यालय पहुंचे। परिजन वहां करीब डेढ़ घंटे तक रहे और पुलिस आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया है कि स्पेशल सेल के पुलिसकर्मी मनोज से उगाही कर रहे थे और पुलिस आयुक्त से कार्रवाई की मांग की।

मुठभेड़ में शामिल सदस्यीय टीम का हुआ तबादला

Manoj Encounter: After assurance returned kin.

मनोज के परिजनों की आयुक्त से मुलाकात के बाद दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि मुठभेड़ में शामिल नौ सदस्यीय टीम का स्पेशल सेल से तबादला कर दिया गया है। वहीं, पुलिस आयुक्त ने स्पेशल सेल कर्मियों पर लगाए उगाही के आरोप की जांच विजिलेंस विभाग से करवाने का फैसला किया है।
 
सागर रत्ना रेस्टोरेंट में हुए मुठभेड़ में टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को स्पेशल सेल से आईजीआई एयरपोर्ट भेज दिया गया है। वहीं सब इंस्पेक्टर विवेक सिंह को पीसीआर, सब इंस्पेक्टर भूप सिंह को पहली बटालियन, हेड कांस्टेबल संजय पाल को तीसरी बटालियन, हेड कांस्टेबल अनिल राव को वजीराबाद पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, कांस्टेबल मनीष को पी एंड एल विभाग, कांस्टेबल अब्दुल अहद खान को झरौदाकलां पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, कांस्टेबल जीतेंद्र को सातवीं बटालियन और कांस्टेबल मोहित को सिक्योरिटी भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि मनोज के एनकाउंटर मामले में विजिलेंस जांच तीसरी जांच कमेटी है। दिल्ली सरकार द्वारा एसडीएम जांच और दिल्ली पुलिस एसआईटी जांच कराने के आदेश पहले हो चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed